मोदी सरकार के 12 वर्षों में बदला बिहार का परिदृश्य, विकसित भारत की यात्रा में निभा रहा अग्रणी भूमिका : सम्राट चौधरी

पटना, 12 जून 2026।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले एक दशक में देश और बिहार ने विकास का नया अध्याय लिखा है। उन्होंने कहा कि जिस बिहार को कभी अपनी बड़ी आबादी बोझ लगती थी, वही आज विकास की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्पों को पूरा करने का कार्य किया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुए हैं।
सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान बिहार को केंद्र से लगभग 2.80 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि पिछले 12 वर्षों में यह राशि बढ़कर लगभग 12.90 लाख करोड़ रुपये हो गई है। जीएसटी और केंद्र सरकार की नीतियों ने बिहार की वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान की है तथा राज्य की विकास क्षमता को नई ऊर्जा मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी पहचान गरीब कल्याण है। गरीबों को आवास, शौचालय, बिजली, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया गया है। जनधन खाते और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार में कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है तथा ग्रामीण सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य में कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे, पुल और संपर्क मार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत देशभर में 50 लाख घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, देश में हवाई संपर्क के विस्तार के साथ बिहार में भी कई नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलिपैड विकसित किए जा रहे हैं। राजगीर और सासाराम-कैमूर क्षेत्र में नई एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में कार्य जारी है।
रेलवे अवसंरचना के क्षेत्र में बिहार को लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं मिली हैं। राज्य के 198 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। इससे बिहार की कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
औद्योगिक विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में निवेश का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार ने 20 नवंबर तक पांच लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को 30 दिनों के भीतर स्वचालित स्वीकृति प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में भी बिहार को नई पहचान दिलाने की तैयारी है। राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। जहां पहले 9 से 10 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं और 21 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत चार करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है।
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा बजट बढ़कर 77,690 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान और आईटीआई की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है।
महिला सशक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नई शक्ति मिली है। बिहार में 30 लाख से अधिक महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और जीविका समूहों के माध्यम से बड़ा आर्थिक तंत्र विकसित हुआ है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में केवल योजनाओं की घोषणा नहीं हुई, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया है। सुशासन, गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और औद्योगिक विकास के माध्यम से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और बिहार इस परिवर्तन का सशक्त भागीदार बन चुका है।








