बिहार चुनाव ! चुनाव आयोग के निर्णय पर खड़े हुए कई गंभीर प्रश्नचिन्ह: अजय राय

आनन-फानन में लिए गए इस निर्णय पर कई गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए: अजय राय

लखनऊ 10 जुलाई 2025।
24 जून 2025 को चुनाव आयोग ने अचानक से बिहार चुनाव के मद्देनज़र वहां के इलेटोरल रोल को लेकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन करने की घोषण कर दी। आनन-फानन में लिए गए इस निर्णय पर कई गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए। चुनाव आयोग के इस निर्णय के खिलाफ कई राजनैतिक दल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जहां आज सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ चुनाव आयोग की समयसीमा पर संशय जाहिर किया बल्कि मांगे जा रहे प्रपत्रों में आधार, वोटर कार्ड और राशन कार्ड को शामिल करने की बात कही।

उक्त प्रकरण पर अपना मत व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय-पूर्व मंत्री ने कहा कि यह पूरी कवायद बिहार के अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों को उनके मताधिकार से वंचित करने की एक साजिश के आलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जून 2024 से जनवरी 2025 के बीच राज्य चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल रोल का स्पेशल समरी रिवीजन पूर्ण किया था तो फिर यह बात कहां से आ गई कि चुनावी डेटा बेस में गंभीर खामियाँ हैं। इसका मतलब चुनाव आयोग ने अपना स्पेशन समरी रिवीजन ठीक से नहीं किया या तो चुनाव आयोग का अपनी ही कार्यप्रणाली पर विश्वास नहीं है।

अजय राय ने कहा कि हम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ नहीं हैं बल्कि हम इस प्रक्रिया की नीयत पर शंका एवं इसके लिए चुने गए समय पर प्रश्न खडे़ करते हैं। 2003 की जिस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उदाहरण चुनाव आयोग दे रहा है उस समय जब यह प्रक्रिया अपनाई गई थी तो उसके एक साल बाद राष्ट्रीय चुनाव था और दो साल बाद राज्य का चुनाव था, इस बार केवल 1 महीने का ही समय है। हमारा प्रश्न यही है कि किस र्दुभावना के तहत इतने आनन-फानन में यह प्रक्रिया कराई जा रही है।

अजय राय ने कहा कि इतना ही नहीं आप ऐस-ऐसे कागजात मांग रहे हैं जिनका ग्रामीण क्षेत्रों में मिलना बहुत ही मुश्किल है। आप आधार को नहीं मान रहे हैं, आप अपने द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र को नहीं मान रहे हैं, आप राशन कार्ड को नहीं मान रहे हैं मतलब साफ है कि आपने बहुत सारे लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने का मन बना रखा है।

अजय राय ने कहा कि चुनाव गणतंत्र का आधार है और किसी को भी उसके मताधिकार से वंचित रखना लोकतंत्र के मूल्यों का हनन है। भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर चुनाव दर चुनाव साजिश कर चुनावों को मैनेज करके जीतने का एक सुनियोजित षडयंत्र कर रही है। हम अब यह नहीं होने देंगे। कांग्रेस अपने नेता जननायक श्री राहुल गांधी जिन्होंने इस षडयंत्र के खिलाफ सड़कों पर बिगुल फूंक रखा है, उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को लड़ेंगे। हम किसी को भी संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार से वंचित नहीं रहने देंगे।

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