पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों के साथ धरना दे रहे पूर्व मंत्री नरेन्द्र वर्मा से वार्ता की

लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज तहसील महमूदाबाद सीतापुर में किसानों के साथ धरना दे रहे पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री नरेन्द्र वर्मा से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वार्ता की। वर्मा ने कहा कि किसानों की भाजपा सरकार में बड़ी दुर्दशा है। गन्ना किसानों का 11 हजार करोड़ रूपये बकाया है। उसका गन्ना तौला नहीं जा रहा है। खेती के काम आने वाले उपकरण, डीजल, खाद, कीट नाशक सभी मंहगे हैं। किसान को उसकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है।
वर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीनों कानून किसान विरोधी है। मंडिया खत्म करने की साजिश हो रही है जबकि इनसे सड़कें बनती थी, किसानों की मदद होती थी। किसान का धान हजार, ग्यारह सौ रूपये में बिचैलिए खरीद रहे हैं। मक्का की फसल का भी उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। आवारा पशुओं से फसल बर्बाद हो रही है। किसान तीन दिन से तहसील पर धरना दिए बैठे हैं। जब तक मांगे पूरी नहीं होती हैं, धरना जारी रहेगा। नरेन्द्र वर्मा ने कहा किसान सन्2022 का इंतजार कर रहा है।
अखिलेश यादव ने किसानों के संघर्ष में साथ देने का वादा किया। उन्होंने अस्वस्थ होने के बावजूद किसानों की मांगों को लेकर धरना दे रहे नरेन्द्र वर्मा को बधाई दी। यादव ने कहा किसानों की खेती पर संकट है। भाजपा सरकार के विरोध में किसान देशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी उनके संघर्ष में साथ रहेगी।








