सेवा ही सच्चा धर्म है, दीन की सेवा करने वाला ही वास्तव में अमीर होता है: स्वामी पागल दास जी महाराज

अयोध्या।
सोसाइटी फलाहुल मुस्लिमीन सोनखरी द्वारा आयोजित गोष्ठी में “इस्लाम और समाज सेवा” विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए स्वामी पागल दास जी महाराज ने कहा कि दीन की सेवा करने वाला ही वास्तव में अमीर होता है और देने वाला महान होता है। उन्होंने कहा कि हम भरत और राम की भूमि से हैं, जहाँ त्याग और सेवा की भावना सर्वोपरि रही है। अयोध्या से पूरे विश्व को सेवा का संदेश जाता है।
स्वामी पागल दास जी महाराज ने कहा कि “सियाराम मैं सब जग जानी” का भाव यही सिखाता है कि गरीबों और जन-जन में ईश्वर की सूरत देखें और उनकी परेशानियों में सहभागी बनें—यही सच्ची सेवा है। उन्होंने सोसाइटी के चेयरमैन मौलाना सिराज द्वारा गरीबों को राशन, कंबल वितरण एवं बेटियों की शादी के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल मदन मोहन पांडे ने कहा कि समाज सेवा ही ईश्वर की वास्तविक सेवा है। वहीं कार्यक्रम के आयोजक मौलाना अहमद सिराज ने कहा कि ईश्वर उसी की मदद करता है, जो उसके बंदों की मदद करता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बड़ा कार्य न कर सके तो एंबुलेंस में जा रहे बीमार व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करना भी सच्ची सेवा है। “दुआ, दवा से भी भारी होती है”।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते पाक से करते हुए मौलाना मोहम्मद अहमद ने कहा कि इस्लाम का मुख्य उसूल न्याय है और यह धर्म लोगों को जोड़ने का संदेश देता है।
इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री डॉ. विजय बहादुर तिवारी, मोहम्मद अयाज, महंत दिनेश शास्त्री, प्रेम कुमार वर्मा एडवोकेट, आफताब अहमद सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान 500 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए। इस मौके पर ओसामा कारी, अब्दुल रहमान, बलवंत सिंह, हरिश्चंद्र निषाद, मौलाना सद्दन, मुशीर अहमद प्रधान, नजीर अहमद, इरफान अहमद, संजय यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।








