अयोध्या: संपूर्ण समाधान दिवस में आईं 70 शिकायतें, 10 का मौके पर निस्तारण

संवादाता : राहुल शर्मा.

बीकापुर (अयोध्या), शनिवार – तहसील सभागार में एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 70 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें एसडीएम श्रेया, सीओ पीयूष, एसडीओ विद्युत संदीप यादव, खंड शिक्षा अधिकारी अमित श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार रमखेलावन सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

🔹 प्रमुख शिकायतें:

1. गेट लगाने में बाधा से असुरक्षा

शिकायकर्ता: काली प्रसाद, निवासी रामनगर घूरी टीकर (थाना तारुन)
काली प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने पुश्तैनी मकान के स्थान पर नया मकान बनाया है, लेकिन गांव के विपक्षी रजनीश कुमार श्रीवास्तव द्वारा गेट लगाने में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि बिना गेट के घर में आवारा और जंगली जानवरों के घुसने, बच्चों को नुकसान पहुँचने और चोरी का खतरा बना रहता है।
पूर्व में भी कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एडीएम ने तहसीलदार और थाना अध्यक्ष, तारुन को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

2. बंटवारे के आदेश का सात वर्षों से अनुपालन नहीं

शिकायकर्ता: रामबली, निवासी खिदिरपुर
रामबली ने बताया कि उनके पिता सूर्य नारायण ने वर्ष 2018 में उप जिलाधिकारी न्यायालय में बंटवारे का मुकदमा दायर किया था, जिस पर 25 अगस्त 2018 को आदेश पारित हुआ।
लेकिन 7 वर्षों बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ
उनके पिता द्वारा तीन दर्जन से अधिक बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
एडीएम ने इस पर भी तत्काल अनुपालन कराने के निर्देश दिए।


🧾 निष्कर्ष:

संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना है। हालांकि, कई मामलों में पुरानी शिकायतों का लंबित रहना प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करता है। फिर भी मौके पर कुछ मामलों का निस्तारण इस दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा सकता है।

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