बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2027 पर अंतरराष्ट्रीय लोक कला प्रदर्शनी आयोजित करने का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

पटना, 07 अगस्त 2026।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2026 का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार संग्रहालय द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। पटना संग्रहालय में लगाई गई मिथिला कला पर आधारित कालजयी चित्रकला प्रदर्शनी का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया गया। साथ ही बिहार संग्रहालय के बहुउद्देशीय सभागार में भारत के कालजयी कलाकारों तथा लोक कला पर आधारित अस्थायी प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए पद्मश्री सम्मानित कलाकारों एवं प्रख्यात कला साधकों का बिहार की धरती पर स्वागत है। बिहार ने भारत को स्वर्णिम काल दिया है और यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। बिहार की सांस्कृतिक विरासत, कला, इतिहास और ज्ञान परंपरा विश्व के लिए प्रेरणास्रोत रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार संग्रहालय का निर्माण संभव हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार संग्रहालय का भ्रमण कर इसकी विश्वस्तरीय संरचना और प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना की थी। पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क भी अपनी विशिष्ट पहचान के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि बिहार भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत केंद्र है। भोजपुरी, मैथिली, मगही, वज्जिका और अंगिका जैसी समृद्ध भाषाएं बिहार की पहचान हैं। माता सीता, बाबा हरिहरनाथ तथा मौर्यकालीन सांस्कृतिक विरासत बिहार की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा का प्रतीक था, जिसे आक्रांताओं ने नष्ट कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्स्थापन भारत की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

युवाओं से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लोक कला, सांस्कृतिक विरासत एवं भारतीय परंपराओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय लोक कलाओं को भी प्रदर्शित किया जाए, ताकि बिहार की संस्कृति, सभ्यता और लोक कला को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल सके।

कार्यक्रम को कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह तथा कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के निदेशक अनिल कुमार, जिलाधिकारी कुंदन कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी, देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित थे।

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