LDA वीसी ने दस इंजीनियरों की प्रवर्तन से की छुट्टी, बाकी पर भी गिर सकती है गाज

अवैध निर्माण रोकने में नाकाम व बढ़ावा देने की शिकायत पर एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने प्रवर्तन के दस इंजीनियरों पर बड़ी कार्रवाई की। LDA वीसी ने जोन एक, दो, तीन, पांच, छह व सात में तैनात दस अवर अभियंताओं को न सिर्फ प्रवर्तन से हटाया है, बल्कि इंजीनियरिंग के कामों से भी सीधे दूर रखते हुए मुख्‍य अभियंता कार्यालय से संबंद्ध कर दिया है।

उपाध्‍यक्ष ने कार्यहित का हवाला देते हुए यह कार्रवाई ऐसे समय में की है, जब एलडीए बड़े अवैध निर्माणों के खिलाफ युद्ध स्‍तर पर ध्‍वस्‍तीकरण व सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है। वीसी की कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने व बचाने का ठेका लेना वाले इंजीनियर, जोनल अफसर व कर्मिया में हड़कंप मच गया है।

उपाध्‍यक्ष ने कार्रवाई करने के साथ ही शुक्रवार को प्रवर्तन के बाकी बचे इंजीनियरों की भी जवाबदेही तय करने के लिए नई व्‍यवस्‍था शुरू करते हुए डेली डायरी मेंटेन करने के लिए कहा है। इस डायरी के जरिए एलडीए के वीसी व सचिव जानेंगे की प्रवर्तन में तैनात जूनियर इंजीनियर आखिर किस तरह की कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ कर रहें हैं।

कंप्‍यूटर पर डिटेल के साथ फोटो भी करनी होगी अपलोड

वीसी ने कहा है कि करीब एक हफ्ते बाद जेई डायरी की जगह कंप्‍यूटर के जरिए अवैध निर्माण पर की जाने वाली अपनी रोज की कार्रवाई का ब्‍यौरा व उससे संबंधित फोटो अपलोड कर सकेंगे। वह खुद किसी भी दिन अचानक किसी भी इंजीनियर की डायरी चेक करेंगे, जिससे कि इंजीनियर की कार्य के प्रति जवाबदेही तय की जा सके।

एलडीए प्रवर्तन के इतिहास में सबसे बड़ी कार्रवाई

वहीं एलडीए के जानकारों के अनुसार एलडीए प्रवर्तन के इतिहास में संभवता: किसी वीसी ने पहली बार प्रवर्तन के दस इंजीनियरों के खिलाफ मात्र दो दिनों में इतनी बड़ी कार्रवाई का साहस दिखाया है।

अवैध निर्माण के ठेकेदारों में डर, जनता में जाएगा पॉजिटिव मैसेज

अक्षय त्रिपाठी के इस कदम से अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले प्रवर्तन के अफसर, इंजीनियर व कर्मियों में न सिर्फ डर पैदा होगा, बल्कि जनता में भी मैसेज जाएगा कि एलडीए सिर्फ अवैध निर्माण कराने वाली जनता पर ही नहीं अपने विभाग में छिपे अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले इंजीनियरों पर भी कार्रवाई करना जानता है।

इन अवर अभियंताओं को गया हटाया

जोन एक में तैनात में एस के सिंह व भरत पांडेय, जोन दो के जितेंद्र मोहन व शिव प्रताप सिंह, जोन तीन के रवि प्रकाश व अंशु, जोन पांच के रवि शंकर राय व हरी प्रसाद गुप्‍ता को चीफ कार्यालय से संबं‍द्ध कर दिया गया है। इसक अलावा जोन छह के मोहन यादव व जोन सात में तैनात रविंद्र श्रीवास्‍तव की भी प्रवर्तन से छुट्टी कर दी गयी है।

अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मॉनिटरिंग की आवश्यकता

शुक्रवार से नई व्‍यवस्‍था शुरू करने के साथ ही अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गहनता से मॉनिटरिंग की आवश्यकता है। जिसके लिए जेई स्‍तर पर दैनिक प्रवर्तन कार्रवाई की सूचना प्राप्त करना जरूरी है। इसके लिए हर जेई को रोजाना की अपनी कार्रवाई की सूचना दैनिक प्रवर्तन डायरी में दर्ज करना होगा।

एई व जोनल अफसर बनाएंगे रिपोर्ट

साथ ही एई व जोनल अधिकारी प्रतिदिन इस डायरी को देखेंगे और जोनल अफसर अपने जोन के अवर अभियंताओं की सूचना को संकलित कर एक्सल शीट पर समुचित रिर्पोट बनाकर सचिव व उपाध्यक्ष को भेजेंगे।

लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई

उपाध्यक्ष ने यह भी बताया कि सचिव जहां 15 दिन में सभी जेई की प्रवर्तन डायरी का अवलोकन करेंगे। इसके अलावा वह खुद भी आकस्मिक रूप से किसी भी दिन किसी भी अवर अभियंता की डायरी चेक करेंगे। उपाध्यक्ष ने इस संबंध में जारी अपने आदेश में कहा है कि उक्त समस्त कार्यवाही जोनल अधिकारी द्वारा प्रभावी रूप से की जायेगी। इसमें लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

ऐसा होगा डायरी का प्रारूप-

उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने दैनिक प्रवर्तन डायरी का प्रारूप भी निर्धारित कर दिया है। इसके तहत अभियंताओं को सील किये गये अवैध निर्माणों का एरिया, निर्माण का प्रकार, सीलिंग से पहले व बाद की फोटो की सूचना डायरी में देनी होगी। इसी तरह उनके द्वारा ध्वस्त किये गये अवैध निर्माणों का ब्यौरा भी डायरी में उल्लेखित करना होगा। वहीं लंबित सीलिंग व ध्वस्तीकरण के आदेश के प्रकरणों का भी इसी तरह विवरण डायरी में लिखना होगा।

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