#KGMU में इंटरनेशनल प्रीसीजन मेडिसिन सिम्पोजियम का हुआ आयोजन

लखनऊ। सेंटर फार एडवास रिसर्च, किंग जार्ज चिकित्सा विश्विद्यालय के प्रीसीजन आफ पर्सनालाइज्ड मेडिसिन के सेंटर ने दूसरी इंटरनेशनल प्रीसीजन मेडिसिन सिम्पोजियम का आयोजन किया। इस मीटिंग में प्रीसीजन इमरजेंसी और क्रिटीकल केयर के नये अनुसंधान एवं भविष्य की शोध दिशा निर्धारण किया गया।
इस सिम्पोजियम में देश एवं विदेंश के 150 से अधिक डेलीगेट ने प्रतिभाग किया। प्रो0 धावेंद्र कुमार, विलियम हार्वे रिसर्च इंस्टीटयूट क्वीन मेरी यनिवर्सिटी लंदन ने अपनी कीनोट ब्याख्यान ने प्रेसीजन मेंडिसिन के नये अनुसंधानों एवं मरीजों के उपचार में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की, एमोरी यूनिर्विर्सटी अमेरिका की प्रोफेसर माधुरी हेगडे ने होल जिनोम सीक्वेंसिग के पारंपरिक पैथाजिकल जांच की उपयोगिता पर जोर दिया और इसे अधिक सस्ता एवं सुलभ बनाने की जरूरत पर बल दिया।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्विद्यालय के कुलपति ले0 जनरल बिपिन पुरी ने प्रेसीजिन मेंडिसिन के नये अनुसंधानों को जल्द से जल्द मराजो तक पहुचाने पर जोर दिया। ताकि हर मरीज को उसकी आवश्कतानुसार सटीक इलाज मुहैया कराया जा सके। राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान,लखनऊ की निदेशक प्रोफेसर सोनिया नित्यानन्द ने ब्लड कैंसर मे कार0 टी0 सेल की तकनीक को भारत देश में ही विकसित करने के अपने प्रयासों के बारे में जानकारी दी।
प्रों0 ए0के0त्रिपाठी अधिष्ठाता चिकित्सा एवं इस सिम्पोजियम के चेयरपरसन ने प्रेसीजन मेडिसिन को आम आदमी तक पहुचाने के लिए आवश्यकता पर जोर दिया एवं भारतीयो के जीनोमिक डेटा संग्रहण एवं उसके प्रेसीजन मेंडिसिन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
प्रो0 अमिता जैन, फैकल्टी इंचार्ज सेंटर फार एडवास रिसर्च ने नये छात्रों को प्रेसीजन मेडिसिन में रिसर्च के लिए आगे आने की प्रेरित किया। इस सिम्जोयिम में 35 से अधिक शोधार्थियों ने अपने रिसर्च को प्रस्तुत किया एवं 05 सर्वश्रेष्ठ शोधपत्रों को पुरस्कृत किया गया। पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने गम्भीर बीमारियों के पूर्वानुमान एवं उपचार में सही दवा को संबधित बीमारी से ग्रसित मरीज तक पहुचाने मे प्रेसीजन मेंडिसिन की उपयोगिता पर सहमत हुए।
के0जी0एम0यू0 के विभिन्न विभाग साथ मिलकर एच0आइ0वी0 एवं ड्र्रग रेंजिस्टेन टी0बी0 के मरीजो का बेहतर इलाज प्रेसीजन मेडिसिन द्वारा उपलब्ध करायेंगे।








