पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बोले भाजपा सरकार प्रदेश में विकास के नाम पर सिर्फ खेल-तमाशा कर रही

उत्तर प्रदेश (27 जुलाई, 2019)।
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार प्रदेश में विकास के नाम पर सिर्फ खेलतमाशा कर रही है। एक वर्ष के भीतर निवेश प्रोत्साहन के नाम पर तीसरा आयोजन कल 28 जुलाई 2019 को होने जा रहा है। सरकार ने अब तक साफतौर पर यह नहीं बताया है कि पिछले दो आयोजनों के फलस्वरूप प्रदेश में कितना पूंजीनिवेश हुआ है और कितने नए उद्योग लगे हैं।

वस्तुस्थिति तो यह है कि भाजपा सरकार नए निवेशक लाने में पूर्णतया असफल साबित हुई है। बारबार वह उन्हीं निवेशकों का नाम ले रही है जो समाजवादी सरकार के कार्यकाल में पूंजी निवेश के लिए आए थे। इनके स्थापित उद्योग ही अब तक चल रहे हैं। एचसीएल, मेदांता ग्रुप, अमूल प्लांट, आईटी हब, आदि को प्रदेश में लाने का श्रेय समाजवादी सरकार को ही जाता है। भाजपा के पहले के आयोजनों से न नया निवेश आया और नहीं उद्योग लगे। बल्कि समाजवादी सरकार में जो रोजगार सृजित हुए थे वे भी समाप्त हो गए।

पूर्व मुख्यमंत्री बोले मुख्यमंत्री जी बातें बड़ी-बड़ी करते हैं लेकिन हकीकत में भाजपा सरकार में निवेशकों को उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। सरकार की इंटीग्रेटेड टाउनशिप के तहत जिन डेवलपर्स ने अपने प्रोजेक्ट प्लान कर रखे हैं उनकी डीपीआर महीनों से मंजूर न किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अफसरशाही के चलते निवेशक निराश हैं और अपने को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा  मुख्यमंत्री जी प्रदेश की वन ट्रिलियन डालर एकोनाॅमी का सपना दिखाते हैं परन्तु हालात यह है कि प्रदेश में न तो कानून व्यवस्था के हालात ठीक हैं और नहीं उद्योगों के लिए अनुकूल अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब प्रदेश में हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं न घटती हों। बच्चियां तक दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। अपराधी बेलगाम हैं। जेल तक से वे अपना धंधा बेखौफ चला रहे है। प्रदेश में बिजली संकट बरकरार हैं। रोजाना कटौती हो रही है। इसके बावजूद बिजली की दरों में भारी इजाफा होने जा रहा है।

भाजपा राज में अवस्थापना सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं है। सड़के खस्ताहाल हैं। खुद केन्द्रीय रक्षामंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ आउटर रिंग में चार महीने पहले बनी 14 किलोमीटर की सड़क 18 जगह धंस गई। सड़कों को गड्ढामुक्त करने की योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जब बिजली, पानी, सड़क के साथ सुरक्षा का भी अभाव होगा तो कौन निवेशक प्रदेश में उद्योग लगाने आएगा?

सच तो यह है कि निवेशकों को धोखा देने के लिए इन्वेस्टर्स मीट और ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के नाम पर सिर्फ करोड़ों रूपए बहाकर अपव्यय और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। अगर समाजवादी सरकार के रूके हुए काम ही भाजपा सरकार पूरा कर ले तो कुछ तो विकास दिखाई पड़ने लगे।

मुख्यमंत्री जी की बात अफसरशाही मानती नहीं है, उसका वसूली का फंडा जारी है। भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर कुछ किया नहीं, ऐसे ही लगभग ढाई साल इवेंट मैनेजमेंट करके निकाल दिए। पूंजी निवेश के नाम पर भाजपा प्रदेश की जनता को भ्रमित करने में लगी है। राज्य के विकास से भाजपा का दूर-दूर तक कोई वास्ता नही है, धोखा के अलावा और कुछ नहीं।

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