#LDA की जनता अदालत में 17 प्रकरणों का मौके पर हुआ निस्तारण

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार ने जन सामान्य की समस्याओं को सुना
अवैध निर्माण की शिकायतों पर सम्बंधित अधिकारियों को तीन दिन के अंदर स्थल निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिये निर्देश
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा जन सामान्य एवं आवंटियों की समस्याओं एवं उनके कार्यों को त्वरित गति से शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किये जाने हेतु दिए गए निर्देशों के क्रम में गुरूवार को प्राधिकरण भवन के मसऊद सभागार में “प्राधिकरण दिवस/जनता अदालत“ का आयोजन किया गया।
अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि उपाध्यक्ष डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार द्वारा जनता अदालत में स्वयं उपस्थित होकर जन सामान्य की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना गया। इस दौरान मौलवीगंज निवासी फराज हुसैन ने अलीगंज, सेक्टर-जे स्थित सुलभ आवास योजना में भवन की रजिस्ट्री के सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर विशेष कार्याधिकारी देवांश त्रिवेदी द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए प्रकरण का निस्तारण किया गया। इसी तरह मुन्नी देवी द्वारा अलीगंज के सेक्टर-क्यू में मकान की रजिस्ट्री के सम्बंध में दिये गये प्रार्थना पत्र का भी तुरंत निस्तारण किया गया। वहीं, दीपशिखा अपार्टमेंट के आवंटियों द्वारा परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा सीसीटीवी एवं इंटरकाॅम आदि की सुविधा के सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर उपाध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता, जोन-2 को स्थल का निरीक्षण करके शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
लिपिक को तलब कर लगायी फटकार
जनता अदालत में पहुंचे किरन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने राम नगर कालोनी, ऐशबाग स्थित अपने भूखण्ड में निर्माण कराने के लिए एनओसी व मानचित्र के लिए आवेदन कर रखा है। लेकिन, कई चक्कर लगाने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो रही है। इस पर उपाध्यक्ष ने सम्बंधित कर्मचारी को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह में कार्यवाही पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है। उपाध्यक्ष ने हिदायत दी कि अगर निर्धारित समय में प्रकरण का निस्तारण नहीं हुआ तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।
रिफंड होने पर आवंटी ने जताया आभार
जनता अदालत में पहुंचे जानकीपुरम के सेक्टर-एच निवासी रविन्द्र नाथ सिंह ने बताया कि उन्हें लाॅटरी के माध्यम से सीजी सिटी में फ्लैट आवंटित हुआ था। जिसका उन्होंने करीब साढ़े नौ लाख रूपये का भुगतान किया। लेकिन, बाद में किन्हीं कारणों वश उन्हें बैंक से लोन नहीं मिल पाया तथा बीमारी के चलते आर्थिक स्थिति भी खराब हो गयी। इसके चलते उन्होंने आवंटन निरस्त कराते हुए रिफंड के लिए आवेदन किया। लेकिन, आवंटन पत्र गुम हो जाने के कारण कार्यवाही नहीं हो पा रही है। इस पर उपाध्यक्ष डाॅ इन्द्रमणि त्रिपाठी ने प्रार्थी से आवंटन पत्र खो जाने की एफआईआर तथा शपथ पत्र समेत अन्य सम्बंधित दस्तावेज जमा कराके रिफंड की फाइल स्वीकृत कर दी। वर्षों से लंबित काम मिनटों में हो जाने पर रविन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने उपाध्यक्ष का आभार प्रकट किया।
अवैध निर्माण की शिकायत पर तीन दिन में निरीक्षण
अपर सचिव ने बताया कि जनता अदालत में रजिस्ट्री, फ्री-होल्ड, सीमांकन, कब्जे व एनओसी आदि से सम्बंधित कुल 46 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 17 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं, शेष प्रकरणों के निस्तारण के सम्बंध में उपाध्यक्ष महोदय द्वारा समय सीमा निर्धारित करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं, अवैध निर्माण की शिकायतों के सम्बंध में उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन अधिकारियों को तीन दिवस में स्थल का निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
जनता अदालत में जोनल अधिकारी अरुण कुमार सिंह, डी0के0 सिंह, राजीव कुमार, श्रद्धा चौधरी, देवांश त्रिवेदी, नजूल अधिकारी अरविंद त्रिपाठी, उप सचिव माधवेश कुमार, तहसीलदार शशिभूषण पाठक समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।








