जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की मुहिम ला रही रंग, किसानों ने प्राधिकरण के पक्ष में निष्पादित किए बैनामें

18 और 24 मीटर चौड़ी बंधा रोड़ को नूर नगर से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण में अब आएगी रफ्तार

क्षेत्र के चार किसानों ने प्राधिकरण के पक्ष में निष्पादित किए बैनामें

रोड के निर्माण पर आएगा लगभग 42 करोड़ का खर्च

सड़क निर्माण से मिलेगी क्षेत्र में बेहतर यातायात की सुविधा

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स की मुहिम रंग ला रही है। इसी का परिणाम ये है कि बंधा रोड़ को नूर नगर से जोड़ने वाली 18 और 24 मीटर चौडी रोड़ के निर्माण कार्य अब रफ्तार पकड रहा है। क्षेत्र के चार किसानों के द्वारा लगभग 2500 वर्ग मी0 भूमि के प्राधिकरण के पक्ष में बैनामें निष्पादित करा दिए।

इसी के साथ किसानों को लगभग साढे़ सात करोड़ की राशि के चेक सौंप दिए गए। वैसे किसानों की सहमति के आधार पर प्राधिकरण के द्वारा हाल ही में रोड के निर्माण का कार्य आरंभ करा दिया था। रोड़ के निर्माण पर करीब 42 करोड़ की राशि का खर्च किया जाएगा। इसमें लगभग 32 करोड रूपए का भुगतान किसानों को प्रतिकर के तौर पर किया जाएगा।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का प्रयास ये है कि रोड़ पर मिटटी भराई आदि का कार्य बरसात के बीच पूरा करा लिया जाए, ताकि एक बार मिटटी के बैठने के बाद पक्की रोड़ के निर्माण का कार्य तेजी के साथ किया जा सकें। इनमें 18 मीटर चौडाई में लगभग 750 मीटर लंबी तथा 24 मीटर चौडाई में लगभग 350 मीटर लंबी है। इन रोड़ के निर्माण का कार्य एक लंबे समय से किसानों के विरोध के कारण आरंभ नहीं हो पा रहा था। किसानों के विरोध के मददेनजर हाल में जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान ये अहम फैसला लिया गया कि किसानों से भूमि का क्रय वर्तमान सर्किल रेट के दोगुने मूल्य पर आपसी सहति से किया जाएगा।। ये एक ऐसे गांव है, जहां पर 100 प्रतिशत किसानों ने सडक निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी है।

जल्द प्राधिकरण के पक्ष में किसानों के द्वारा बेनामें कर दिए जाएंगे। इससे पहले जीडीए की भू-अर्जन औैर अभियंत्रण अनुभाग की टीम के द्वारा स्थल का निरीक्षण कर टोटल स्टेशन सर्वे टी.एस.एस. के आधार पर भूमि के चिन्हाकंन का कार्य पूरा करते हुए किसानों की मांग पर 18 और 24 मीटर चौडी सडक के लिए पिलरिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि सडक निर्माण से क्षेत्र को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और मानचित्र स्वीकृत कर क्षेत्र का सुनियोजित विकास भी होगा व राजस्व भी प्राप्त होगा, जिसका उपयोग अन्य सडकों के विकास कार्य में किया जा सकेगा, जैसे हम तुम रोड प्रस्तावित कमिश्नररेट सडक और सिकरोड जैसे अन्य मार्गों पर भी निर्माण कार्य करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ रही है।

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