पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में तेजी लाएं, बेहतर रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
भवनों के बेहतर रखरखाव और नियमित देखरेख की जिम्मेदारी निर्माण करने वाले संवेदकों को देने का निर्देश

पटना, 06 नवंबर 2026
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने विभाग की प्रस्तावित योजनाओं एवं उनके क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान पंचायती राज विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अंतर्गत चापाकलों पर 5 किलोवाट क्षमता के ऑफग्रिड सोलर पैनल अधिष्ठापन की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। इसमें प्रति वर्ष बिजली बिल पर होने वाले खर्च, योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन, सोलर पैनलों के रखरखाव एवं अनुश्रवण तथा योजना से होने वाली बचत की राशि के उपयोग सहित अन्य पहलुओं पर जानकारी दी गई।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। इन भवनों के बेहतर रखरखाव एवं नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण करने वाले संवेदकों को ही इनके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी जाए। इसके लिए संवेदकों की जवाबदेही (लायबिलिटी) स्पष्ट करते हुए प्रभावी मैकेनिज्म तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पंचायत सरकार भवनों के सोलराइजेशन को निर्माण के एस्टीमेट में ही शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस कार्य को 15वें वित्त आयोग एवं सप्तम राज्य वित्त आयोग से भी जोड़ने को कहा, ताकि इसके लिए समय पर आवश्यक धनराशि उपलब्ध हो सके और कार्य में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पंचायतों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए एक समर्पित टीम गठित की जाए, जो पंचायत के मुखिया, विधायक एवं सांसद सहित सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर पर उनके क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन कितने घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है, इसकी जानकारी उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री ने चापाकलों पर सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित 5 किलोवाट की जगह 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएं, ताकि इस व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जाए, जिससे पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो, ऊर्जा की बचत हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।









