दीपावली से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को वितरित किए नियुक्ति पत्र
भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 06 नवंबर 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरी देने और नियुक्ति पत्र वितरित करने का सिलसिला बिना रुके जारी रहेगा। दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद होमगार्ड, पुलिस और शिक्षा विभाग के चयनित युवाओं को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वह तीसरी बार भी आएंगे और युवाओं को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम आगे बढ़ाएंगे।

दीपावली से पहले धनतेरस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स, लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को अवसर देने के अपने कर्तव्य का लगातार निर्वहन करेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण का यह अभियान बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके आगे बढ़ेगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभा को अवसर देना और युवाओं की ऊर्जा का लाभ उत्तर प्रदेश की समृद्धि के लिए उठाना है।
भैया दूज के बाद राजस्व विभाग से शुरू होगा अगला चरण
मुख्यमंत्री ने आगामी नियुक्तियों का विवरण देते हुए बताया कि दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से होमगार्ड भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 32 हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फिलहाल अभ्यर्थियों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। वहीं, करीब 25 हजार शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण के लिए समय मांगा गया है। सरकार उन्हें भी नियुक्ति पत्र देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगी।
तीसरी बार भी आएंगे, चलता रहेगा नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला यहीं नहीं थमेगा। आगामी कार्यक्रमों में भी युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि तीसरी बार भी नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और उस अवसर पर भी युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
युवाओं को अवसर देना सरकार का कर्तव्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज या व्यवस्था का भविष्य तभी सुरक्षित हो सकता है, जब वह अपने युवाओं की प्रतिभा का सम्मान करे और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए। जो समाज अपने युवाओं की उपेक्षा करता है, उसका कोई भविष्य नहीं हो सकता। युवाओं को अपनी क्षमता साबित करने के लिए मंच और अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण सरकार की कृपा या अनुकंपा नहीं है। यह सरकार का कर्तव्य है, जिसका निर्वहन पारदर्शी और ईमानदार तरीके से किया जा रहा है। जब चयन की प्रक्रिया निष्पक्ष होती है तो उसके परिणाम भी सकारात्मक दिखाई देते हैं। प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना नए उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण पहचान है।
साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को मिली नौकरी, गिनाए आंकड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.26 लाख से अधिक पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों की भर्ती की गई है। विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं की संख्या 9.5 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने हाल के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि 25 अगस्त को कृषि विभाग के 3,572 अधिकारियों, 19 सितंबर को 818 अभ्यर्थियों, 20 सितंबर को पुलिस विभाग के 912 अभ्यर्थियों, 22 सितंबर को शिक्षा विभाग के 3,567 अभ्यर्थियों और 28 सितंबर को पंचायती राज विभाग के 1,375 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
इसी क्रम में 8 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश पुलिस में 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जबकि 5 नवंबर को 28 फॉरेंसिक साइंटिस्ट को नियुक्ति पत्र दिए गए। अब 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में भी अलग-अलग विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
पारदर्शी भर्ती से टूटा सैफई सिंडिकेट का दौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं। कई मामलों में आवेदन करने वाला व्यक्ति कोई और होता था, परीक्षा में बैठने वाला कोई और और नियुक्ति किसी अन्य व्यक्ति को मिल जाती थी। ऐसी कई भर्तियों से जुड़े मामले आज भी न्यायालय में लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में नियुक्तियों का मतलब केवल ‘सैफई सिंडिकेट’ हुआ करता था। पारदर्शी और ईमानदारी से भर्ती होना प्रदेश के युवाओं के लिए एक दिवास्वप्न था। परीक्षा कोई और देता था और नौकरी का नियुक्ति पत्र किसी और को मिल जाता था, लेकिन हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले उस ‘सैफई सिंडिकेट’ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहती थी, लेकिन अब प्रदेश के सभी जिलों के युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं। सरकार ने उस व्यवस्था को समाप्त किया है, जिसमें भर्ती पर किसी खास समूह का प्रभाव रहता था। अब प्रदेश के हर जिले के प्रतिभाशाली युवा अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में चयनित हो रहे हैं।
पुलिस की क्षमता और प्रशिक्षण व्यवस्था में हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस के सामने आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षण क्षमता की कमी बड़ी चुनौती थी। उस समय एक साथ बड़ी संख्या में उपनिरीक्षकों की भर्ती होने पर उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अब उत्तर प्रदेश पुलिस की एक साथ 60 हजार कार्मिकों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया गया है। प्रदेश के 56 जिलों में पुलिसकर्मियों के लिए ऊंची आवासीय इमारतें बनाई गई हैं। यूपी एसएसएफ और यूपी एसडीआरएफ जैसी नई इकाइयां गठित की गई हैं। पीएसी को पुनर्गठित कर उसकी बटालियनों को मजबूत किया गया है। पहले प्रदेश में केवल दो साइबर थाने थे, जबकि अब हर जिले में साइबर थाना और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली भी लागू की गई है।
पीड़ितों के साथ खड़े रहना पुलिस की जिम्मेदारी: सुरेश खन्ना
कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की धारणा बदली है। नवचयनित उपनिरीक्षक एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उन्हें हमेशा पीड़ित के साथ खड़ा होना चाहिए। ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने से उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
पुलिस बल की क्षमता और आधारभूत ढांचे का विस्तार: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले 35 से 40 वर्षों की सेवा यात्रा की शुरुआत है। वर्ष 2017 के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पुलिस बल की क्षमता और आधारभूत संरचना में व्यापक विस्तार हुआ है। इस अवधि में 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। प्रदेश में 134 नए पुलिस थाने, सात महिला थाने और 95 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। 74 थानों के आवासीय भवनों के अतिरिक्त पुलिस लाइन्स में 24 ट्रांजिट हॉस्टल, 60 पुरुष हॉस्टल और 62 महिला हॉस्टल का निर्माण कराया गया है।
होनहारों को मिले नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर की अंशु गंगवार, संत रविदास नगर के अभय यादव, देवरिया के रवि प्रताप कुशवाहा, प्राची सविता, बलिया की साक्षी गोंड, गाजीपुर के रंजीत खरवार, गोरखपुर के अभिषेक कुमार पाल, जौनपुर के अनूप कुमार मौर्य, हमीरपुर के अजहरुद्दीन खान, संत कबीर नगर के निलय मिश्रा, सहारनपुर की फरहत जहां, आगरा की श्वेता भदौरिया, गाजीपुर के आशुतोष राय, जौनपुर के अमित कुमार दुबे और कानपुर के मयंक शाक्य सहित चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अमरेश कुमार और अम्बरीश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थियों के परिजन उपस्थित रहे।









