एलडीए जोन 7 के अभियन्ता हवा में चलाते हैं तीर, ग़ुमराह करने में हासिल है महारथ

राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण के सभी जोन में लंबे वर्षों से जमे अवर अभियंता और अभियन्ता ने खुद के अधिकारियों के साथ साथ आम जनता को भी ग़ुमराह करने में महारथ हासिल कर रखी हैं।
ताजा मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण के जोन 7 का है जहां दिन प्रतिदिन अवैध निर्माण खुलेआम बढ़ता जा रहा है जिसका मुख्य कारण अभियन्ताओं की लापरवाही है। जोन 7 के दुबग्गा क्षेत्र में जगह जगह अवैध निर्माण अपने पैर फैला रहा है लेकिन एलडीए के कुम्भकर्णी नींद में सोए अभियन्ताओं को अवैध निर्माण खुली आंखों से दिखता तक नहीं है।
जोन 7 में तैनात अभियन्ता भानु प्रताप से जब हरदोई दुबग्गा रोड पर सर्विस लेन में हो रहे निर्माण के बारे में जानकारी ली गयी तो बताया कि सभी निर्माण पर कार्यवाही हो चुकी है। लेकिन जब UPCM NEWS द्वारा यह पूछा गया कि अगर कार्यवाही हुई है तो निर्माण क्यों जारी है? इस पर अभियन्ता ने बताया कि जल्द सीलिंग का भी कार्य किया जाएगा।
गोल मोल जवाब देने में महारथ हासिल
अभियन्ता की गोल मोल बात से साफ होता है कि अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई और अभियन्ता हवा में तीर चलाने में महारथ हासिल किए है। साथ ही जनता को गुमराह करने में बादशाह है।
खास बात है कि अगर कोई IGRS में जानकारी मांग ले तो अभियन्ता गोल मोल रिपोर्ट लगाकर भटकाने में नम्बर एक स्थान पर हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जोन 7 में वर्तमान में मौजूद अभियन्ता भानु प्रताप ही पूर्व में जोन 3 में तैनात थे जहां उन्होंने जो बंटाधार किया, उसका जीता जागता उदाहरण जोन 3 में दिखने को मिल जाएगा।
जोन 3 में सील निर्माण बनकर तैयार, पूर्व अभियन्ता की मेहरबानी
पूर्व में जोन 3 में तैनात अभियन्ता ने पारा क्षेत्र में जगह जगह अवैध निर्माण को खुला संरक्षण दिया। जिसके कारण आज जोन 3 के पारा क्षेत्र में सभी सील और कारवाही वाले अवैध निर्माण बनकर तैयार है। यह देन किसी अन्य अभियन्ता की नहीं बल्कि पूर्व में तैनात अभियन्ता की है।
जोन 7 के दुबग्गा क्षेत्र में रफ्तार पकड़ रहा अवैध निर्माण
जोन 7 के दुबग्गा क्षेत्र में भी अवैध निर्माण जोर पकड़ता जा रहा है क्योंकि यहां पर भी अवैध निर्माण एक्सप्रेस को रोकने वाले महारथी अपनी नेतागिरी में बिजी है या फिर सेटलमेंट में ज्यादा विश्वास रखते हैं। इसी के चलते एक आधा निर्माण पर कार्यवाही करके अभियन्ता अपनी पीठ थपथपवा लेते हैं और खुद को सम्मानित महसूस करते हैं।
एलडीए वीसी के आदेश केवल कागजों तक सीमित
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी ने हाल ही में 30 जुलाई तक अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग, सील निर्माण पर जारी काम और ध्वस्तीकरण जैसे कार्यवाही का आदेश दिया था लेकिन अभियन्ताओं के आगे एलडीए वीसी के सारे आदेश नतमस्तक हो चुके हैं।
जांच होने पर दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा
अगर एलडीए पूर्व में तैनात अभियन्ता के कार्यों की जांच करवाता है तो साफ हो जाएगा कि जोन 3 में पूर्व अभियन्ता ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया? यह भी ज्ञात हो जाएगा कि कितने सील निर्माण पर कार्य होकर तैयार हो गए।







