गांवों में विकास की रफ्तार तेज कर स्मार्ट शहरों की तरह स्मार्ट विलेज बनाना है: केशव

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को आयुक्त सभागार वाराणसी में वाराणसी व विन्ध्याचल मंडल में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने दोनों मंडल के क्षेत्र पंचायत प्रमुखों तथा खंड विकास अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए उनसे जनकल्याणकारी योजनाओं क्रियान्वयन शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ किये जाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि तभी इसका लाभ जन सामान्य को त्वरित ढंग से मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी व ब्लाक प्रमुख के बीच का संबंध भाई-भाई का होना चाहिए, ताकि योजनाओं की प्रगति अच्छे से हो सके। मनरेगा का काम ब्लॉक के माध्यम से हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी तथा ग्राम पंचायत अधिकारी नियमित संयुक्त रूप से बैठकर आपस में कार्याे के प्रगति की समीक्षा करें। अब स्मार्ट विलेज की बात होनी चाहिए, ताकि प्राथमिकता के आधार पर सरकार की योजनाओं से गांव का विकास हो सके।

बीडीओ प्रत्येक माह बीडीसी मेम्बर्स व प्रधानों के साथ बैठक करें
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गांवों में विकास की रफ्तार तेज कर स्मार्ट शहरों की तरह स्मार्ट विलेज बनाना है।बी डी ओ व ब्लाक प्रमुख आपसी तारतम्य व समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति प्रदान करें। निर्देश दिए कि डी एम व सीडीओ प्रत्येक माह बीडीओ व ब्लाक प्रमुखो के साथ बैठक करें और बी डी ओ प्रत्येक माह  बीडीसी मेम्बर्स व प्रधानों के साथ  बैठक करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम चौपालों का तीन माह का रोस्टर जनप्रतिनिधियों को एडवांस में उपलब्ध कराया जाए। चकरोड, तालाबों व गोचर भूमि के अवैध कब्जे अभियान चलाकर हटाये जांय। ग्राम्य विकास की योजनाओं का क्रियान्वयन शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता एवं समयबद्धता से सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन, अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुँच ही वर्तमान सरकार का लक्ष्य है। अमृत सरोवर में पानी की उपलब्धता हमेशा बनी रहनी चाहिए, इसका सभी ध्यान रखें। प्रदेश में विकास से वंचित 100 पिछड़े ब्लॉकों को चिन्हित करते हुए, उनके ऊपर सरकार पूरा ध्यान दे रही है, ताकि उनको भी विकास के दृष्टि में ऊपर लाया जा सके। छोटे ग्राम सभाओं में फंड की कमी की समस्या को लेकर सीडीओ, बीडीओ से उपाय सुझाने को कहा ताकि उनका भी विकास सुनिश्चित हो सके।

डीएम व सीडीओ प्रत्येक माह बीडीओ व ब्लाक प्रमुखो के साथ बैठक करें
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने क्षेत्र पंचायत प्रमुखों से संवाद किया। जिसमें सोनभद्र के प्रमुखों द्वारा बजट बढ़ाने, नेटवर्क की समस्या, बालिका विद्यालय की स्थापना, दुद्धी ब्लाक प्रमुख द्वारा ब्लाक के कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने की बात भी रखी गयी। मिर्जापुर के पहाड़ी ब्लाक प्रमुख द्वारा सेक्रेटरी के सहयोग न मिलने तथा ब्लाक प्रमुखों को उचित सम्मान न मिलने की बात कही गयी। बरहनी ब्लाक के प्रमुख द्वारा खाता संचालन में क्षेत्र प्रमुखों के रोल की बात भी रखी गयी। रेवतीपुर के ब्लाक प्रमुख द्वारा ब्लाक प्रमुख के अधिकार तथा उनके कार्यों के संबंध में एक कार्यशाला आयोजित करने को कहा गया। कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुखों की बैठक में ब्लाक का कोई कर्मचारी  अनुपस्थित रहता है, तो उनका एक दिन का वेतन काटने का भी निर्देश दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जलाशयों पर हुए कब्जे को हटाया जाए तथा उनके अलग-बगल खाली जमीन पर छायादार पेड़, चारागाह, खलिहान, टहलने को रैम्प बनाना सुनिश्चित करें।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत सचिवालय में ग्राम विकास/पंचायत अधिकारी 2 घंटे जरूर बैठें तथा अपनी उपस्थिति व्हाट्सएप्प के माध्यम से सुनिश्चित करेंगे। उप-मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया कि स्वच्छता को जनान्दोलन बनाया जाये तथा सप्ताह में एक बार स्वच्छता अभियान जरूर चलाएं। गाजीपुर में मनिहारी ब्लॉक प्रमुख द्वारा खंड विकास अधिकारी पर पिछले डेढ़ साल से कोई काम न करने का आरोप लगाने पर सीडीओ गाजीपुर को संबंधित बीडीओ को कार्यमुक्त करने का आदेश भी दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ग्राम सचिवालय पर विकास योजनाओं का डिस्प्ले पूरी तरह स्पष्ट लिखा जाए तथा संबंधित अधिकारियों के नंबर भी लिखे जाएं। आराजीलाइन ब्लाक प्रमुख द्वारा संबंधित ब्लाक के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा संबंधित लोगों के सहयोग से फंड जुटाकर अपना घर नाम से उपेक्षित लोगों के आवास बनवाने की योजना की उपमुख्यमंत्री द्वारा कंठस्थ प्रसंशा की गयी।

कार्यक्रम की शुरुआत संवाद कार्यक्रम से हुई। जिसके बाद मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी द्वारा दोनों मंडलों के ग्राम विकास के कार्यों, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों, ग्राम पंचायत चौपाल के आकड़े को पीपीटी के माध्यम से उप-मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। उपमुख्यमंत्री ने अमृत सरोवर के कार्यों को सीडीओ और संबंधित बीडीओ को प्रमुखता से देखने का निर्देश दिया। वृक्ष व जल दोनों के कार्यों पर मुख्य फोकस रखना ये हम सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है। ग्राम सभा हमारी विकास की केंद्र बिंदु हमेशा से रही है। 2014 के बाद से क्षेत्र निधि/पंचायत निधि में इसी से बढ़ोत्तरी की गयी है ताकि गांव विकास से अछूता न रह जाए। 2014 के बाद केन्द्र तथा 2017 के बाद प्रदेश में  सरकार बनने के बाद विकास में तेजी से प्रगति हुई है। सरकार द्वारा सुविधाए मिलने से हम काम करना बंद करना बन्द कर दें, ये उचित नहीं है, इसलिए हमें श्रम करते रहना है। सभी सार्वजनिक स्थान कब्जा मुक्त कैसे हों, इस पर सभी लोग फोकस करें।

गांवों में सप्ताह में एक दिन विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाय
ग्राम चौपाल से 2 दिन पहले स्वच्छता अभियान जरूर चलाएं। विकास में कोई बाधा स्वीकार नहीं की जायेगी। जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव भी सीधे जनता के माध्यम से हो इस दिशा में सरकार प्रयास करेगी। 4 करोड़ गरीबों को पूरे देश में अब तक आवास उपलब्ध कराये गये हैं। बाबा विश्वनाथ की नगरी से सभी लोग अपने क्षेत्र को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का संकल्प लेकर जाएं। महिलाओं ने बीसी सखी के माध्यम से देश प्रदेश में अपनी नयी पहचान बनायी। 10 लाख नये समूह और बनने हैं। पीएम आवास की 90ः लाभार्थी महिलाएं हैं।

मनरेगा का काम ब्लॉक के माध्यम से हर हाल में सुनिश्चित हो
मनरेगा के पेमेंट को बीसी सखी के माध्यम से कराने का कार्य किया जाये ताकि उनको भी कुछ लाभांश मिल सके। 10 पिछड़े गांव की पहचान करके उनको प्राथमिकता के आधार पर आगे लाने के उपाय करें ताकि वो भी विकास में आगे निकल सकें।

इस अवसर पर स्टाम्प मंत्री रविंद्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष  पूनम मौर्या, महापौर अशोक तिवारी, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, पिंडरा विधायक डॉ अवधेश सिंह, अजगरा विधायक त्रिभुवन राम, रोहनिया विधायक सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम समेत दोनों मंडल के क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के साथ ग्राम विकास विभाग के अधिकारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने किया।

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