आधी आबादी को नकार कर कोई भी समाज सशक्त नहीं हो सकता: CM Yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के अन्तर्गत आयोजित 1500 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने नव विवाहित जोड़ों को विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, शगुन किट एवं उपहार सामग्री प्रदान किये।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां आये 1500 जोड़े सौभाग्यशाली हैं, जिनके विवाह के इस कार्यक्रम में सभी को सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी गरिमा की रक्षा, मातृशक्ति के सशक्तिकरण एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध समाज के सभी लोगों को मिलकर कार्य करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रारम्भ की है। अब तक ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के अन्तर्गत 2 लाख से अधिक गरीब बालिकाओं का विवाह सम्पन्न हुआ है। श्रम विभाग तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा गरीब कन्याओं के विवाह के लिए दिया जाने वाला अनुदान इससे अलग है। ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ वर्ष 2017 में प्रारम्भ की गयी थी।

इस योजना के प्रथम दो वर्षाें में 31 हजार रुपये प्रति विवाह हेतु उपलब्ध कराया गया। बाद में यह राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रति विवाह कर दी गई। इस योजना के अन्तर्गत दहेज मुक्त विवाह सम्पन्न कराया जाता है। पहले बेटी के बड़े होने पर पिता को उसके विवाह की चिंता करनी पड़ती थी। अब उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं कि दहेज के अभाव में बेटी का विवाह कैसे सम्पन्न होगा। देश में गांव की बेटी, सबकी बेटी की धारणा प्रचलित है। इसी धारणा के साथ आज पूरे उत्साह के साथ सामूहिक विवाह का कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है। दहेज एक सामाजिक कुरीति है और इस सामाजिक कुरीति के विरूद्ध खड़े होने हेतु हम सबको तैयार रहना होगा। सामूहिक एकता के साथ डबल इंजन की सरकार महिला सशक्तिकरण हेतु मिशन शक्ति अभियान के तहत जुड़कर कार्य करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ लागू की गयी है। इसके अन्तर्गत बालिका के जन्म से लेकर उसके स्नातक में प्रवेश तक विभिन्न चरणों में 15 हजार रुपये दिये जाने की व्यवस्था है। महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति का विशेष कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चल रहा है। महिलाओं को पंचायत से लेकर बाजार तथा एवं अन्य संस्थाओं तक, प्रत्येक जगह सुरक्षा का बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए भी कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान, मातृ वंदना योजना एवं अन्य योजनाओं के द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष अभियान प्रदेश में चला रही है। पुलिस भर्ती में महिलाओं की 20 प्रतिशत अनिवार्य भागीदारी की व्यवस्था को लागू किया गया है। प्रदेश में वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक 10 हजार महिला पुलिस कर्मी पुलिस बल में थीं, आज यह संख्या बढ़कर 40 हजार हो गयी है। विगत छः वर्षो में यह संख्या चार गुना से अधिक हो चुकी है। सरकार सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों के प्रवेश लेने पर उनके लिए निःशुल्क यूनिफार्म, बैग, किताबें, जूता-मोजा, स्वेटर आदि की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने की है। प्रदेश के विद्यालयों के नवीनीकरण एवं पुनरुद्धार का कार्य चल रहा है। कक्षाओं को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। स्किल डेवलपमेंट को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। गोरखपुर मेें महिला पी0ए0सी0 बटालियन की स्थापना होने जा रही है। महिला सशक्तिरण हेतु जो भी कदम उठाये जा सकते हैं, प्रदेश सरकार उन्हें क्रियान्वित करने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को नकार कर कोई भी समाज सशक्त नहीं हो सकता और न ही विकास की समग्र अवधारणा को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसलिए महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और अत्याचार को पूरी शक्ति के साथ रोकना होगा। उनके सशक्तिकरण हेतु कदम उठाने पड़ेंगे, मिशन शक्ति अभियान को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाना होगा। शासन की योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं की सुरक्षा के बेहतर वातावरण में उनकी पढ़ाई लिखाई एवं रोजगार की व्यवस्था, ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के अन्तर्गत दहेज मुक्त विवाह का कार्यक्रम आदि योजनाएं प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ायेगी।
इस अवसर पर सांसद श्री रविकिशन, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी थे।

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