निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की समन्वय बैठक

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी के नेतृत्व में पत्रकारों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव भारत सिंह ने पत्रकारों के हितों से संबंधित आठ सूत्रीय मांग पत्र क्रमवार प्रस्तुत किए। समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने प्रत्येक मांग के संबंध में निदेशक को विस्तार से अवगत कराते हुए उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश शेखर शर्मा ने भी बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास और सम्मान से जुड़ी मांगों का समयबद्ध समाधान बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में पत्रकारों की कार्य परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को देखते हुए मौजूदा सुविधाओं को और बेहतर किए जाने की जरूरत है। उन्होंने समिति की मांगों पर सकारात्मक एवं व्यावहारिक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा जताई।

  • समिति की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

58 वर्ष की आयु में पत्रकारों को पेंशन की सुविधा:

मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए 58 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पेंशन योजना लागू किए जाने की मांग की गई, ताकि पत्रकारिता के लंबे योगदान के बाद उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

आवास एवं फ्लैट आवंटन:

राज्य मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आवास एवं फ्लैट आवंटन की व्यवस्था किए जाने तथा इस संबंध में लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग रखी गई।

सेवानिवृत्ति आयु पर मान्यता का स्वतः स्थानांतरण:

राज्य एवं जिला मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु में पहुंचने पर उनकी मान्यता स्वतः वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पत्रकार की श्रेणी में स्थानांतरित किए जाने की मांग की गई, ताकि अनुभवी पत्रकारों को उनकी सेवाओं के अनुरूप सम्मान एवं सुविधाएं मिलती रहें।

मान्यता समिति का गठन

पत्रकारों की मान्यता से संबंधित मामलों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए मान्यता समिति का गठन किए जाने की मांग की गई।

फोटो जर्नलिस्टों के कार्यालय की बकाया राशि का भुगतान:

दारुलशफा स्थित ए-ब्लॉक में फोटोग्राफरों के कार्यालय से संबंधित बकाया राशि का भुगतान किए जाने तथा कार्यालय संबंधी लंबित समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग रखी गई।

आयुष्मान कार्ड एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा:

मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड का विशेष कैंप आयोजित कराने तथा चिकित्सा उपचार के लिए कैशलेस कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।

एसजीपीजीआई में उपचार की सुविधा एवं चिकित्सा सीमा में वृद्धि:

मान्यता प्राप्त पत्रकारों के एसजीपीजीआई में उपचार के लिए भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वर्तमान चिकित्सा सहायता की सीमा को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किए जाने की मांग की गई।

स्वतंत्र एवं वरिष्ठ पत्रकारों तथा फोटो जर्नलिस्टों को पारिश्रमिक

स्वतंत्र एवं वरिष्ठ पत्रकारों तथा फोटो जर्नलिस्टों से नियमित रूप से समाचार, आलेख एवं फोटो सामग्री प्राप्त कर उन्हें सरकारी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित किए जाने तथा प्रकाशित सामग्री के लिए नियमानुसार उचित पारिश्रमिक दिए जाने की मांग की गई।

समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं सम्मान से जुड़ी मांगों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग स्तर पर सभी मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

समिति के सचिव भारत सिंह ने कहा कि सभी मांगें पत्रकारों के व्यापक हित से जुड़ी हुई हैं और इनका उद्देश्य राज्य एवं जिला मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को बेहतर सुविधाएं एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

बैठक में समिति बैठक में समिति के उपाध्यक्ष आकाश शेखर शर्मा,उपाध्यक्ष अविनाश मिश्रा, उपाध्यक्ष राघवेंद्र त्रिपाठी, संयुक्त सचिव विजय त्रिपाठी, अनिल सैनी, सदस्य रेणु निगम, वेद दीक्षित, नवेद शिकोह , रितेश , रखवेंद्र सिंह, सत्येंद्र ,अब्दुल वहीद समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
btnimage