विधानसभा मानसून सत्र: CM Yogi बोले 9 वर्षों में यूपी बना बीमारू राज्य से ब्रेक-थ्रू इकोनॉमी स्टेट
मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 विधान मण्डल के मानसून सत्र के प्रारम्भ होने के पूर्व विधान भवन परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधायिका आम-जन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। संसदीय प्रणाली में विधायिका गरीब, किसान, युवा, महिला सहित समाज के सभी वर्गां से जुड़े मुद्दों पर चर्चा व समीक्षा करने तथा उन्हें परिणाम तक पहुंचाने का सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म होती है। इसके माध्यम से प्रत्येक जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र की समस्या को सदन में रख सकता है और सरकार से उसके समाधान का रास्ता निकलवा सकता है। सरकार की सदैव प्राथमिकता रही है कि इस प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग हो। इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के मानसून सत्र के प्रारम्भ होने के पूर्व यहां विधान भवन परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। उन्होंने विधान सभा सत्र में भाग लेने आए सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सत्र हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। सदन के समय का बेहतर उपयोग हो और प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र से जुड़ी आवाज को सदन के पटल पर रखने और उस पर चर्चा-परिचर्चा करने का अवसर प्राप्त हो सके, इसके लिए उन्होंने गत दिवस दलीय नेताओं की बैठक में सभी सदस्यों से आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 09 वर्षों में सदन में हुए संवाद से जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा करने तथा इसके उपरान्त बनी हुई योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुछ बेहतर करने का प्रयास किया गया है। हमें उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को बदलने और आमूलचूल परिवर्तन करने में सफलता प्राप्त हुई है। उत्तर प्रदेश को देश के बीमारू राज्यों की श्रेणी से उबार कर रेवेन्यू सरप्लस और ब्रेक-थ्रू इकोनॉमी स्टेट के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं के कल्याण, आधी आबादी महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलम्बन और सम्मान, अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन और उनके चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और सरकार आगे क्या कदम उठाने जा रही हैं, इस पर सदन में चर्चा करनी चाहिए। डबल इंजन सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विगत 09 वर्षों में 06 करोड़ से अधिक गरीबों को गरीबी रेखा से उबार कर मध्यम वर्गीय श्रेणी में लाकर उनके जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है। इस परिवर्तन का केन्द्र बिन्दु हमारी विधायिका है, जहां नीतियां बनती हैं। नीतियां बनने से पूर्व उस पर चर्चा-परिचर्चा होती है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर हुई चर्चा भी शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, अन्नदाता किसानों, निवेश, रोजगार जैसे सभी मुद्दों पर चर्चा करने का सशक्त माध्यम बनी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह माह हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। खेती-किसानी की दृष्टि से किसानों के लिए, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन की दृष्टि से छात्रों तथा युवाओं के लिए और श्रावण माह शिव भक्त कांवड़ यात्रियों के लिए उनकी धार्मिक यात्रा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों द्वारा कृषि क्षेत्र में नवाचार के प्रयासों एवं सुधारों के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसान बहुत परिश्रमी है। अन्नदाता किसान दिन-रात मेहनत एवं परिश्रम कर प्रदेश की धरती से सोना उगलवाने का काम करते हैं। आज अन्नदाता किसान उत्तर प्रदेश की कुल 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि में देश का 21 से 22 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। यह एक बेहतरीन उपलब्धि है। इससे उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न के अनुरूप अन्नदाता किसानों की आय दोगुने से अधिक हुई है। किसानों से जुड़े हुए अन्य कौन से ऐसे मुद्दे हो सकते हैं, जो उनके जीवन में और खुशहाली ला सके, इस विषय पर सदन में चर्चा करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आधी आबादी के जीवन में व्यापक परिवर्तन हुआ है। महिला श्रम बल 12 प्रतिशत से बढ़कर आज 37-38 प्रतिशत हो चुका है। डबल इंजन सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कर रही है, ताकि बड़े महानगरों में उनके लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सके और उन्हें अपने कार्यस्थल पर जाने में बहुत दूरी न तय करनी पड़े। मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिला सुरक्षा, स्वावलम्बन और सम्मान की दृष्टि से प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की प्रत्येक भर्ती में 20 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी के साथ नया कीर्तिमान स्थापित हुआ हैं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सुरक्षा और अन्य कारणों से प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर एवं अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप लाखों नौजवानों को अपने ही जनपद एवं क्षेत्र में नौकरी और रोजगार की गारण्टी मिली है। परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना और पी0एम0 विश्वकर्मा जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये गए हैं। इनके माध्यम से युवा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने समस्त कावड़ यात्रियों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे देश एवं प्रदेश में शिव भक्त हर-हर बम-बम के उत्साहपूर्ण माहौल में अपनी शिव भक्ति को निवेदित कर रहे हैं। आज सोमवार का दिन भी है। करोड़ों शिव भक्त कावड़ यात्री के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा हरिद्वार के पावन धाम हर की पौड़ी में गंगाजल लेने के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। उनकी सुरक्षा एवं स्वागत के लिए प्रशासन-स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों, धार्मिक संगठनों ने अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए हैं। हमारे सदस्यगण भी इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए उत्सुक हैं। उन्हें आगामी 07 अगस्त से इन कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में अन्नदाता किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी गई है। आज अन्नदाता किसान एक या दो नहीं, बल्कि तीन या चार फसल उत्पादित कर रहे हैं। पैक हाउसेज के माध्यम से यहां से औद्यानिक फसलों का निर्यात विभिन्न देशों को हो रहा है। प्रदेश सरकार ने 03 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान गन्ना किसानों को किया है। 122 चीनी मिलों में से 105 से अधिक चीनी मिलें ऐसी हैं, जो चौथे या पांचवें दिन गन्ना मूल्य का भुगतान गन्ना किसानों के खाते में कर रही हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय 10 वर्ष के गन्ना मूल्य का भुगतान लम्बित था। उस समय किसान आत्महत्या और पलायन करने के लिए मजबूर थे। किसानां के ट्यूबवेल सुरक्षित नहीं थे। आज डबल इंजन सरकार किसानों के 16 लाख ट्यूबवेल को निःशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है। आज खाद की उपलब्धता प्रत्येक जगह सुनिश्चित कराने के लिए विभाग को पूरी सख्ती के साथ निर्देश दिए गए हैं। किसान तथा युवा डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सभी सरकारी, आउटसोर्स तथा संविदा कार्मिकों ने विगत 09 वर्षों में अथक परिश्रम किया है। प्रदेश सरकार उनके वेलफेयर के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के सभी शिक्षकों सहित शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की है। साथ ही, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के मानदेय को भी बढ़ाया है। सरकार प्रत्येक तबके के लिए कार्य कर रही है। हम उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की कार्यवाही अगले एक-डेढ़ सप्ताह के अन्दर लागू करके न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने जा रहे हैं। यह सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार को भी सम्मानजनक मानदेय प्राप्त हो और उनकी सेवाएं इसी प्रकार प्रदेश हित को संवर्धित करने के लिए कार्य करें, इसके लिए हमने सप्लीमेण्ट्री बजट का सहारा लिया है।
मुख्यमंत्री ने समस्त जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि सदन में एक स्वस्थ चर्चा-परिचर्चा को बनाए रखने के लिए कार्य करें। प्रदेश की 25 करोड़ जनता के कल्याण और विकास के लिए विधानमंडल की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए प्रतिपक्ष के सदस्य सकारात्मक राजनीति को आगे बढ़ाएं तथा प्रदेश के विकास और समृद्धि में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।








