UPCM मंत्रिमंडल के मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
लखनऊ (04 जून, 2019)। UPCM मंत्रिमंडल के सहाकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा की अध्यक्षता में चौधरी चरण सिंह सभागार (पी.सी.यू.) में संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबन्धक/उप आयुक्त एंव उप निबंधक और प्रबन्ध निदेशक पी.सी.एफ., पी.सी.यू., यू.पी.एस.एस., भण्डारण निगम और यू.पी.सी.बी. एवं क्षेत्रीय प्रबन्धक पी.सी.एफ./भण्डारण निगम एवं मण्डल स्तर के पी.सी.यू. और यू.पी.एस.एस. के अधिकारियों और 16 कमजोर जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई।
सहाकारिता मंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि गेहूॅ खरीद एवं गेहूॅ भण्डारण में तेजी लायी जाये, 16 कमजोर नवीन लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों (फैजाबाद, गाजीपुर, वाराणसी, हरदोई, आजमगढ़, बस्ती, इलाहाबाद, सीतापुर, फतेहपुर, बलिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, सुल्तानपुर, जौनपुर एवं देवरिया) की प्रगति में सुधार लाये जाये। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के सम्पत्ति रजिस्टर एवं एलबम बनाने की प्रक्रिया में तेजी लायी जाये। सहकारी समितियों/क्रय-विक्रय/संघ में रिक्त पड़ी जमीनों पर सौ मी. टन एवं 250 मी. टन के गोदाम बनाने के सम्बन्ध में पूर्ण विवरण प्राप्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
सहकारिता मंत्री ने अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण वितरण एवं वसूली में तेजी लाने एवं उर्वरक वितरण एवं बीज वितरण में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैै। उन्होंने किसानों से गेहूॅ खरीद के कार्य से जुड़ी सभी संस्थाओं को निर्देश दिये कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने हेतु मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत खरीद पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ की जाये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि किसानों को गेहूॅ बेचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो और उन्हें भुगतान भी समय से किया जायें।
सहकारिता राज्य मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे समय से क्रय केन्द्रों को खुलवाये एवं गेहूॅ खरीद में तेजी लाये, जिससे किसानों को अपनी उपज बिचैलियों के हाथ न बेचना पड़े। आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता एम.वी.एस. रामी रेड्डी द्वारा विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया गया एवं कार्य करने में हो रही बाधाओं के निराकरण हेतु सुझाव दिये गये। आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गेहूॅ खरीद के साथ-साथ विभाग के अन्य कार्यक्रमों को भी गति देने में वे अपना योगदान दे और कार्यों को पूर्ण ईमानदारी व लगन के साथ करें जिससे आगामी समय में सहकारिता को नई ऊॅचाईयों तक ले जा सकें। प्रदेश में भण्डारण की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए इसके समाधान हेतु प्रमुख सचिव (सहकारिता) ने राज्य भण्डारण निगम के माध्यम से सहकारिता विभाग के 27 शीतगृहों में से 15 में 1.00 लाख मी. टन क्षमता के गोदाम बनाने की कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिये, शेष 12 शीतगृहों पर भी गोदाम निर्माण के लिए भूमि की उपयुक्तता के लिए क्षेत्रीय प्रबन्धक, भण्डारण निगम एवं क्षेत्रीय संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबन्धक, सहकारिता से आख्या मांगी गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में सहकारी समितियों की रिक्त भूमि पर गोदाम निर्माण हेतु 72 जनपदों से भूमि की सूचना प्राप्त हो गयी है, शेष 03 जनपदों के अधिकारियों से रिक्त भूमि की सूचना शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है।
समीक्षा बैठक में राज्य भण्डारण निगम के प्रबन्धक निदेशक श्रीकान्त गोस्वामी अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक (बैंकिंग) आन्द्रा वामसी पी.सी.एफ. के प्रबन्ध निदेशक डा. अरविन्द कुमार चौरसिया, पी.सी.यू. के प्रबन्ध निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी, भण्डारण निगम के प्रबन्ध निदेशक श्रीकान्त गोस्वामी, यू.पी.सी.बी. के प्रबन्ध निदेशक भूपेन्द्र कुमार विश्नोई, संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबन्धक/उप आयुक्त एवं उप निबन्धक और मण्डल स्तर पर उत्तरदायी पी.सी.यू. एवं यू.पी.एस.एस. के अधिकारी मौजूद रहे।