मुख्य सचिव ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं डीएम के साथ गेहूं, दलहन, तिलहन, ज्वार व बाजरा की खरीद की समीक्षा की

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ गेहूं, दलहन, तिलहन, ज्वार व बाजरा की खरीद की समीक्षा की।

अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस कार्य में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाए। किसानों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी स्थानीय स्तर पर कोई अच्छी रणनीति भी अपना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में असमय बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई हैं, इसे ध्यान में रखते हुए कृषकों के हित में यू.आर.एस. मानक के अन्तर्गत खरीदे जाने वाले गेहूँ में वैल्यू कट किसानों से नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इसका व्ययभार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए, साथ ही जनपद में मोबाइल क्रय केन्द्रों के माध्यम से भी गेहूं की खरीद हो रही है, इसका भी वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार कराकर किसानों को लाभान्वित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष ज्वार व बाजार की एमएसपी बहुत अच्छी है। इनमें प्रोटीन की मात्रा भी बहुत अच्छी रहती है। इस वर्ष 5 लाख टन ज्वार व बाजरा को प्रोक्योर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसलिये किसानों को इन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित किया जाये।

उन्होंने कहा कि जिन जनपदों की मंडियों में दलहन व तिलहन (चना, मसूर, सरसो) की आवक अधिक है और मंडियों का भाव एम0एस0पी0 से कम या समकक्ष है, वहां पर आवश्यकतानुसार नये क्रय केन्द्र खुलवाकर इन्हें अधिक से अधिक मात्रा में प्रोक्योर किया जाये। किसानों को इन फसलों का उचित मूल्य दिलाने हेतु उन्हें क्रय केन्द्र पर बेचने हेतु प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद के लिये किसानों के पंजीकरण एवं सत्यापन में प्रगति लाई जाये। क्रियाशील क्रय केंद्र समय से खुले, सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो और सही से खरीदारी हो इसका भी समय समय पर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कराया जाए। समस्त केन्द्र प्रभारियों की प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाये। क्रय के उपरांत किसानों को 3 दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम चल रहे बाजार भाव वाली मंडियों में नये क्रय केन्द्र खोलकर उस क्षेत्र के किसानों को उचित मूल्य दिलाया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी मीना ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 6000 क्रय केन्द्र के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 5729 क्रय केन्द्रों को अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। 1,48,389 कृषकों ने पोर्टल पर पंजीकरण किया है, जिसमें से 1,21,950 सत्यापन हो चुका है। 4381 क्रय केन्द्रों के माध्यम से 31,105 किसानों से 1.37 लाख मी0टन से अधिक गेहूँ की खरीद की गई और 240.65 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी मीना, सचिव महिला कल्याण  अनामिका सिंह सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button
btnimage