UPCM मंत्रिमंडल के समाज कल्याण मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

लखनऊ (04 जून, 2019)।
UPCM
मंत्रिमंडल के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने गोमती नगर स्थित सिडकों के सभागार में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में नई पेंशन स्वीकृत करने में बलरामपुर, सीतापुर, हमीरपुर, बरेली, श्रावस्ती, कासगंज, बाराबंकी, सम्भल, रामपुर व चित्रकूट सहित 10 जनपद की प्रगति खराब होने पर इन जनपद के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्ट एवं माह जुन, 2019 का वेतन रोके जाने के निर्देश दिये।

समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना के तहत पात्र सभी लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाये इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाये।

समाज कल्याण मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजनाओं की जानकारी आम जनमानस को विभिन्न कार्यक्रमों/बैठकों के माध्यम से देना सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फर नगर, सोनभद्र, खीरी, कौशाम्बी, रामपुर, चन्दौली एवं फिरोजाबाद जनपद की प्रगति अच्छी होने पर इन जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसी क्रम में समाज कल्याण मंत्री ने इसी योजना में गौतमबुद्धनगर, बागपत, गाजियाबाद, हरदोई, हमीरपुर, सम्भल, गोरखपुर, कानपुर देहात, देवरिया एवं मेरठ की प्रगति खराब होने पर इन जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिये।

समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि समाज में सर्वधर्म-सम्भाव और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न समुदाय एवं धर्मों के रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 02 लाख वार्षिक आय सीमा के अन्तर्गत आने वाले परिवारों को योजना के तहत आच्छादित किया जाता है। सभी वर्गोें के जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों के कन्याओं के विवाह हेतु सामूहिक आयोजन किया जाता है। योजना के अन्तर्गत विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं के विवाह की भी व्यवस्था है। इस योजना में दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना हेतु कन्या के खाते में 35 हजार रुपये का अनुदान एवं विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री यथा कपड़े, बिछिया, पायल, बर्तन आदि 10 हजार रुपये से क्रय करते हुए प्रदान किया जाता है और प्रत्येक जोड़े के विवाह आयोजन पर 06 हजार रुपये की धनराशि व्यय किये जाने की व्यवस्था है। इस प्रकार योजना के तहत एक जोड़े के विवाह पर कुल 51 हजार की धनराशि व्यय किये जाने की व्यवस्था है। समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक कुल 56,897 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, अनुसूचित जाति/सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की विवाह योजना, अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति के परिवारों को आर्थिक सहायता सहित अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।

इस अवसर पर राज्यमंत्री समाज कल्याण गुलाब देवी, आयुक्त समाज कल्याण चन्द्र प्रकाश, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह, निदेशक जगदीश प्रसाद, संयुक्त निदेशक आर.के. सिंह, पी.के. त्रिपाठी, उप निदेशक एस.के. राय सहित जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारी/प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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