कारागार मंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक, जेलों में बन्द 136 कैदी होंगे रिहा

उत्तर प्रदेश के कारागार एवं होमगार्ड राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने कारागार मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। उन्होंने कहा कि कल शाम 04 बजे प्रदेश के विभिन्न जेलों में बन्द 136 कैदी, जो केवल अर्थदण्ड ना दे पाने के कारण बन्द है, उन सबको मानवीय आधार पर रिहा किया जायेगा।
धर्मवीर प्रजापति ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि जेलों में बन्द कैदी प्रतिदिन सुबह गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करने के बाद अपनी दिनचर्या शुरू करें। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद कैदियों को मनोवृत्ति में सुधार हेतु जल्द प्रवचन एवं सत्संग का भी आयोजन किये जाने पर विचार किया जाएगा। इससे उनकी मानसिक अवसाद की समस्या भी दूर होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि कारागार विभाग का एक टोल फ्री नंबर बनायें। इस नंबर पर शिकायतें दर्ज की जाएंगी एवं उनके निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही जेलों में बन्द कैदियों से मिलने वालों हेतु ऑनलाइन व्यवस्था बनाये जाने का भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन व्यवस्था के धीरे-धीरे समाप्त किया जाय। इससे अनियमितता की शिकायतें भी दूर हो जायेंगी।
कारागार राज्यमंत्री ने कहा कि जेलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण की उत्तम व्यवस्था की जाय, जिससे कैदी उत्तम उत्पाद बना सकें एवं मार्केटिंग के माध्यम से उनकों बाजार में बेचा जा सके। उन्होंने कहा कि कोई भी मुझसे सीधा संवाद कर सकता है। कैदियों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
मंत्री प्रजापति ने कहा कि 21 जून को विश्व योग दिवस के अवसर पर जेलों में योग कराया जाये। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी इस दिन किसी जेल में जाकर योग दिवस का हिस्सा बनेंगे। सभी के सहयोग से ही बेहतर व्यवस्था बनायी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि कारागार विभाग मिट्टी के बर्तनों के प्रयोग को बढ़ावा दें यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। उन्होंने विभाग के 100 दिन की कार्ययोजना में अधिकारियों के सुझावों को शामिल करने एवं उसपर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। विभागीय रिक्तियों को भरने के लिए प्रस्ताव बनाकर लाने के निर्देश भी दिए।
राज्यमंत्री कारागार सुरेश राही ने कहा कि विचाराधीन प्रकरणों की वजह से जेलों में ओवर क्राउडिंग की समस्या है। इस पर माननीय जजों के साथ एक बैठक कर इस समस्या का समाधन करने को कहा। इससे ओवर क्राउडिंग की समस्या भी समाप्त होगी और जेलों की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, महानिदेशक कारागार आनन्द कुमार, महानिरीक्षक कारागार शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।








