योजनाओं को जनोन्मुखी बनाने हेतु अधिकारी जनप्रतिनिधियों के अनुभव का लाभ उठाएं- असीम अरुण
राज्य मंत्री ने जनप्रतिनिधियों से नियमित भेंट करने को अधिकारियों को लिखा पत्र

जनप्रतिनिधियों द्वारा संदर्भित मामलों में समयबद्ध कार्यवाही का दिया निर्देश
अधिकारी जनप्रतिनिधियों को विभागीय योजनाओं की दें जानकारी
लखनऊ- लोकतान्त्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण स्थान है जो शासन एवं प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन शासकीय कार्यों के सुगम संपादन में सदैव ही सहायक रहा है। अधिकारी जनप्रतिनिधियों से नियमित भेंट कर उनके अनुभव और सुझावों का लाभ उठाएं। ये निर्देश समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने पत्र लिख कर विभागीय अधिकारियों को दिया है।
जनप्रतिनिधियों से नियमित भेंट
राज्य मंत्री ने पत्र में कहा है कि अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने पर जनप्रतिनिधियों से अनिवार्य रूप से भेंट करें। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाये। उन्हें यह भी बताया जाये कि उनके क्षेत्र में इन योजनाओं के सञ्चालन में अधिकारी किस प्रकार से सहयोग कर सकते हैं। अधिकारी जनप्रतिनिधियों से अपना मोबाइल नंबर साझा करें और उनका नंबर भी लें, जिससे आपसी संपर्क में सुगमता हो।
मामलों के समाधान में जनप्रतिनिधियों का लें सहयोग
पत्र में विभागीय राज्य मंत्री ने लिखा है कि अधिअकरी ऐसे मामलों को, जिनके समाधान में जनप्रतिनिधियों का सहयोग आवश्यक/हितकारी हो उनके संज्ञान में लाकर उनका त्वरित निराकरण कराए। विभागीय सेवाओं को और बेहतर एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए अधिकारी जनप्रतिनिधियों के ज्ञान, अनुभव एवं सुझावों का भरपूर लाभ उठाएं। जनप्रतिनिधियों द्वारा संदर्भित मामलों में त्वरित एवं समयबद्ध कर्यबाही कर उन्हें कृत कार्यवाही से अवगत भी कराया जाये। पत्र में कहा गया है कि विभागीय अधिकारी मंडलों एवं जनपदों में कार्यरत अधिकारियों को निर्देशित करें कि वे नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से मिलें, उनसे संवाद करें और विभागीय कार्यों के निष्पादन में आवश्यकतानुसार उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन लें।








