मॉनसून सत्र: रालोद विधायकों ने सदन में गन्ना किसानों के मुद्दे को जमकर उठाया

राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह ने कहा कि विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय लोकदल के विधायकों ने सरकार को जमकर घेरा और जनहित के मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक उत्तर प्रदेश के किसानों व कामगारों के साथ साथ युवाओं व बेरोजगारों की आवाज बनकर काम कर रहे है लेकिन गूंगी बहरी सरकार सुनने को तैयार नहीं है।
मनजीत सिंह ने कहा कि रालोद विधायकों ने सदन में गन्ना किसानों के मुद्दे को जमकर उठाया। उच्च न्यायालय द्वारा कई बार आदेश जारी किया गया है कि उ0प्र0 के गन्ना किसानों का अगर चीनी मिल किसानों के खरीदे गए गन्ने का भुगतान 14 दिनों में नहीं करती तो ब्याज सहित भुगतान करना होगा किन्तु उ0प्र0 की सरकार ने हाई कोर्ट की अवहेलना की और इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेष के गन्ना किसानों का पिछले 10 वर्षो से कई हजार करोड रूपये ब्याज के रूप में बकाया है। जो मिल मालिक दबाए बैठी हैं। कई जनपदों में नदियों ने गन्ना किसानों के खेत के खेत अपने आगोश में ले लिया जिससे हजारों एकड़ फसले बर्बाद और तबाह हो गयी। छुट्टा पशुओं की समस्या जस की तस बनी हुयी है किसान खेत में सोने को मजबूर है। रात दिन खेतों की रखवाली कर रहा है वहीं दूसरी ओर सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं लगातार हो रहीं है।
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एमएसपी के नाम पर किसानों के साथ छल कियां। अभी तक एमएसपी नहीं दी जा रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है। मेडिकल कॉलेजों में बेड नहीं है ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटर की कमी कारण मरीज इलाज के अभाव में दम तोड रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में दवाइयों तथा स्टेªचर की भारी कमी हैं। लेकिन सरकार आम जनता के मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है सरकार सिर्फ सामाजिक ताने बाने को बिगाडने में लगी है।








