लखनऊ के ठाकुरगंज हादसे के बाद पार्षदों ने नगर निगम में किया हंगामा, नगर आयुक्त नदारद

लखनऊ के ठाकुरगंज में नाले में डूबकर मजदूर की मौत के बाद नगर निगम में सोमवार को भारी हंगामा हुआ। क्षेत्रीय पार्षद सीबी सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे से नाराज़ स्थानीय पार्षदों ने नगर निगम मुख्यालय पर मोर्चा खोल दिया।

सुबह से ही दर्जनों पार्षद नगर आयुक्त के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। “नगर आयुक्त मुर्दाबाद” और “पार्षदों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारों से निगम परिसर गूंज उठा।

‘हमारी बात नहीं सुनते नगर आयुक्त’ – पार्षद

पार्षदों का आरोप है कि नगर आयुक्त न तो उनकी बात सुनते हैं, और न ही समस्याओं पर कोई कार्रवाई करते हैं। एक पार्षद ने बताया, “पिछले 25 दिनों से फोन कर रहे हैं, लेकिन नगर आयुक्त फोन तक नहीं उठाते। अधिकारियों से बात करने पर कहा जाता है कि वो बैठक में हैं या बाहर गए हैं।”

पुलिस बुलाने पर और भड़के पार्षद

जब हंगामा बढ़ा तो निगम के अधिकारियों ने पुलिस को बुला लिया, जिससे पार्षद और भड़क गए। मौके पर पहुंची पुलिस से पार्षदों की तीखी नोकझोंक भी हुई। पार्षदों ने साफ कहा कि जनता की बात उठाने पर अगर उनके खिलाफ ही मुकदमे दर्ज होंगे, तो आंदोलन और उग्र होगा।

‘हम दोषी नहीं, सिस्टम जिम्मेदार है’

पार्षदों का कहना है कि ठाकुरगंज हादसे के लिए दोष ठेकेदार और अधिकारियों का है, लेकिन सारा ठीकरा पार्षद के सिर फोड़ा जा रहा है। एक पार्षद ने कहा, “यदि नगर निगम समय पर नाला ढकवाता और चेतावनी बोर्ड लगवाता, तो यह जान नहीं जाती।”

नगर आयुक्त नदारद, फोन से ले रहे जानकारी

हंगामे के दौरान नगर आयुक्त कार्यालय में मौजूद नहीं थे। पार्षदों का कहना है कि वह सुबह से ही कार्यालय नहीं पहुंचे और केवल अधिकारियों से फोन पर हालात की जानकारी ले रहे हैं।

अब मांग केवल एक – मुकदमा वापस लो

पार्षदों ने चेतावनी दी है कि जब तक सीबी सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाएगा और नगर आयुक्त से उनकी बात नहीं करवाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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