लखनऊ में एक क्लिक में पास होगा भवन मानचित्र, नव वर्ष पर बड़ी सौगात : प्रथमेश कुमार
भूखण्ड स्वामी स्वतः प्रमाणित कर पास करा सकेंगे नक्शा, नहीं लगाने होंगे प्राधिकरण के चक्कर

लखनऊ के नागरिकों को नव वर्ष पर बड़ी सौगात मिलने जा रही है। अब लोगों को भवन मानचित्र पास कराने के लिए विकास प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत फास्ट ट्रैक सिस्टम ‘फास्टपास’ (fastpas) लागू कर दिया है।
इस नये सॉफ्टवेयर के जरिए भूखण्ड स्वामी अपने मकान व दुकान का नक्शा स्वयं पास कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा और चंद मिनटों में मानचित्र स्वीकृत हो जाएगा। इस नयी व्यवस्था से शहर में अपना मकान व दुकान बनाने जा रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि फास्टपास प्रणाली के अंतर्गत 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के आवासीय और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक (कमर्शियल) भवनों का मानचित्र सम्पत्ति के स्वामी खुद पास कर सकेंगे। इसके लिए लोगों को map.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और सरल रखी गयी है।
मोबाइल नंबर से करना होगा रजिस्ट्रेशन
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आवेदन की शुरुआत पोर्टल पर नाम व मोबाइल नंबर रजिस्टर करने से होगी। इसके बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदक अपना मानचित्र अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर ही गणना के अनुसार देय शुल्कों के भुगतान की सुविधा होगी। आवेदन सबमिट होते ही सिस्टम स्वतः मानकों के आधार पर मानचित्र की जांच करेगा।
भू-स्वामी स्वतः प्रमाणित करेंगे विवरण
मानचित्र पास कराने के दौरान यह अनिवार्य होगा कि भूखण्ड का लैंड यूज मास्टर प्लान के अनुरूप हो। साथ ही आवेदन में भूखण्ड की सटीक लोकेशन, आसपास की सड़कों की लंबाई और चौड़ाई, प्रस्तावित भवन की ऊंचाई, कवर्ड एरिया, फ्रंट, साइड और रियर सेटबैक, प्रवेश और निकास द्वार व पार्किंग का पूरा विवरण देना होगा। पोर्टल पर मानचित्र के साथ पूरा विवरण देते ही चंद ही मिनटों में नक्शा स्वीकृत हो जाएगा और आवेदक को स्वतः प्रमाणित मानचित्र व सर्टीफिकेट मिल जाएगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार
इस नयी व्यवस्था से न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया में होने वाली देरी और अनावश्यक परेशानी भी खत्म होगी।








