उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के निदेशक मण्डल की बैठक सम्पन्न

परिवहन निगम मुख्यालय के सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के निदेशक मण्डल की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें लिए गयें मुख्य निर्णय निम्नवत है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिये दिनांक 13.02.2016 से लागू यात्री राहत योजना में प्रदान की जाने वाली सहायता राशि को डेढ गुना किया गया है। मृत्यु की स्थिति में वारिसान को पूर्व के सापेक्ष सहायता राशि को रू0 5.00 लाख से बढ़ाकर रू0 7.50 लाख, अवयस्क को रू0 2.50 लाख से बढ़ाकर रू0 3.75 लाख तथा जिन बच्चों का टिकट नहीं लगता है उनके लिए रू0 1.25 लाख से बढ़ाकर रू0 1.875 लाख किया गया है । स्थायी विकलांगता होने पर सहायता राशि विकलांगता के प्रतिशत अनुसार होगी। गम्भीर घायल होने की स्थिति में रू0 25,000 तक तात्कालिक सहायता दी जायेगी तथा इलाज पर खर्च हुई धनराशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी जिसकी अधिकतम सीमा रू0 7.50 लाख होगी।
परिवहन निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों को शासनादेश के अनुरूप बाल्य देखभाल अवकाश अनुमन्य कर दिया गया है।
परिवहन निगम में अनुबंधित मिड-सेग्मेन्ट वातानुकूलित बसों की योजना में अब तक 40 सीटर बसे अनुमन्य थी, अब 34 सीटर तक बसों का अनुबंध किया जा सकेगा तथा 10 से 24 बसे लगाने पर रू0 7.50 प्रति किलोमीटर के प्रशासनिक शुल्क में 25 पैसे प्रति किलोमीटर की छूट तथा 25 से 50 बस लगाने वाले वाहन स्वामी को 50 पैसे प्रति किलोमीटर की छूट अनुमन्य होगी।
यही व्यवस्था हाई एण्ड बसों पर लागू की गयी है। 5 से 9 बसे लगाने पर रू0 8.00 प्रति किलोमीटर के प्रशासनिक शुल्क में 25 पैसे की छूट एवं 10 या अधिक बस लगाने पर 50 पैसे की छूट अनुमन्य होगी।
परिवहन निगम के बस बेडे की 15 वर्ष से अधिक की आयु की समस्त बसों को संचालन से रोककर निष्प्रयोज्य करने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गयी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकीपुरम स्थित भूमि से निगम बसों का संचालन सीतापुर मार्ग पर प्रारम्भ करने की पहल के प्रस्ताव पर बस अड्डे के प्रांगड को ठीक किये जाने एवं चाहरदीवारी बनाये जाने की अनुमति प्रदान की गयी। इस बस अड्डे के प्रारम्भ होने से कैसरबाग बस अड्डे पर बसों का दबाव कम होगा।

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