मंत्री आशुतोष टंडन ने एक वर्ष की प्राविधिक शिक्षा की उपलब्धियों के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता का आयोजन किया

लखनऊ(26 जून, 2019)।
प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ‘गोपाल जी’ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश सचिवालय के लोक भवन मीडिया सेंटर में एक वर्ष की प्राविधिक शिक्षा की उपलब्धियों के सम्बन्ध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि प्राविधिक शिक्षा का कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा की सुनिश्चितता के लिए उनके समक्ष चार बड़ी चुनौतियाँ थीं, जिनमें राजकीय एवं अनुदानित तकनीकी संस्थानों में शिक्षकों की कमी पूर्ण करना, आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना,  ट्रेनिंग और प्लेसमेंट की समुचित व्यवस्था करना और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रस्तुत करने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिएशन(एन.बी.ए.) से राजकीय एवं अनुदानित उच्च शिक्षा संस्थानों को एक्रिडिएट करवाने लिए प्रयास करना था। 

उन्होंने कहा इस क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 280 से अधिक शिक्षकों की शुचिता एवं पारदर्शिता से नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की गयी है साथ ही साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 200 करोड़ की पंडित दीन दयाल गुणवत्ता सुधार योजना लागू की गयी है, जिसके माध्यम से 100 करोड़ रूपये की परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण संपन्न करवाए जा चुके हैं।

प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा इस वर्ष ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट का कार्य युद्ध स्तर पर किया गया है ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट के कार्य को गति प्रदान करने के लिए यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री इन्टरफेस सेल का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक रोजगार के सुलभ अवसर पूल कैंपस ड्राइव्स के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उपलब्ध करवाए जा चुके हैं एन.बी.ए. एक्रिडिएशन की दिशा में हुए कार्यों का परिणाम है कि एमएमएमटीयू की तीन ब्रांच, एचबीटीयू की चार ब्रांच और यू.पी.टी.टी.आई., कानपुर की एक ब्रांच को इस वर्ष एन.बी.ए. एक्रिडिएशट प्राप्त हुआ है इस दिशा में लगातार समीक्षाएं की जा रही हैं। 2022 तक समस्त राजकीय एवं अनुदानित संस्थानों को एन.बी.ए. एक्रिडिएट करवाने का लक्ष्य है राजकीय संस्थानों के अतिरिक्त निजी संस्थानों को भी एन.बी.ए. से एक्रिडिएशन की पहल की गयी है और पहले चरण में 50 निजी संस्थानों को चयनित कर उनके मेंटर और मेंटी संस्थान नियुक्त किये गये हैं, जो इस वर्ष एन.बी.ए. से एक्रिडियेशन करवाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सफल योजना ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के आवाहन में यूपीएसईई-2018 की 100 टॉपर छात्राओं को लैपटॉप एवं 100 टॉपर एससीध्एसटी छात्र- छात्राओं को लैपटॉप प्रदान किया गया। डिप्लोमा सेक्टर की संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2018 के माध्यम से प्रवेश लेने वाले 300 टॉपर छात्र-छात्राओं को भी लैपटॉप प्रदान किया गया इस वर्ष भी यूपीएसईई-2019 एवं संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2019 के माध्यम से प्रवेश लेने वाले क्रमशः 200 एवं 300 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा इस बार डिग्री और डिप्लोमा, दोनों सेक्टर में प्रवेश लेने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत के आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत तीन प्राविधिक विश्वविद्यालय, 14 राजकीय अनुदानित घटक संस्थान, लगभग छह सौ निजी कॉलेज और लगभग 2.5 लाख छात्र और 147 राजकीय, 19 अनुदानित, 5 अन्य विभागों द्वारा संचालित पॉलिटेक्निक संस्थाएं तथा 1117 निजी क्षेत्र की पॉलिटेक्निक संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें 2.25 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इतनी बड़ी छात्र संख्या के बावजूद डिग्री सेक्टर का परीक्षा परिणाम बिना किसी देरी के परीक्षा समाप्त होने के 30 दिन एवं पॉलिटेक्निक का परीक्षा परिणाम 45 दिन में घोषित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में हमारा सत्र भी नियमित है और परिणाम भी समय से घोषित हो रहे हैं।

प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग राजकीय एवं अनुदानित उच्च तकनीकी संस्थानों का डिजिटाइजेशन करने हेतु 600 से अधिक कंप्यूटरों की आपूर्ति सुनिश्चित की गयी हैद्य राजकीय एवं अनुदानित पॉलिटेक्निकों में लगभग 1318  कंप्यूटरों की आपूर्ति की गयी है। राजकीय एवं अनुदानित उच्च तकनीकी संस्थानों में 8502.63 लाख रूपये की 21 नवीन विकास परियोजनाओं का मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा शिलान्यास एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि राजकीय एवं अनुदानित पॉलिटेक्निकों की 105 करोड़ की 75 नवीन परियोजनाओं का मुख्यमंत्री कर-कमलों द्वारा शिलान्यास एवं लोकार्पण सम्पन्न हुआ है, जिसमें 05 पालीटेक्निक, 14 छात्रावास, 08 अन्य भवन, 08 संस्थाओं में सोलर पावर प्लाण्ट, 15 संस्थाओं में वर्चुअल क्लासरूम और 25 संस्थाओं में कम्प्यूटर लैब की स्थापना का लोकार्पण किया गया। एकेटीयू के वास्तुकला संकाय में 4 करोड़ रूपये की लागत से नवीन भवन का निर्माण कार्य सम्पन्न करवाकर लोकार्पण किया गया यह भवन आधुनिक प्रयोगशालाओं से युक्त एवं वास्तुकला की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा प्रदान करने की दृष्टि से निर्मित करवाया गया।

प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सफल योजना बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के आवाहन में यूपीएसईई-2018 की 100 टॉपर छात्राओं को लैपटॉप एवं 100 टॉपर एससी एसटी छात्र- छात्राओं को लैपटॉप प्रदान किया गया।

Related Articles

Back to top button
btnimage