UPCM ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के शासी निकाय की बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण (UPSDMA) और स्टेट डिजास्टर रेस्पाॅन्स फोर्स (SDRF) को और अधिक प्रभावी बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा के प्रभावी प्रबन्धन की कार्य योजना तैयार की जाए। साथ ही, आपदा के प्रभाव को कम करने और आपदा की स्थिति में राहत के प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए आपदा जोखिम न्यूनीकरण के उपाय किए जाएं।

UPCM ने शास्त्री भवन में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के शासी निकाय की बैठक को सम्बोधित किया । उन्होंने UPSDMA में आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों और अन्य जरूरी स्टाफ की नियुक्ति के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्राधिकरण के दायित्वों का निर्वहन सुचारु रूप से संचालित हो और इसका नियमित अनुश्रवण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि स्टाफ और विशेषज्ञों की तैनाती के सम्बन्ध में यह सुनिश्चित किया जाए कि आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में वे व्यापक अनुभव रखते हों। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के शासी निकाय की बैठक प्रत्येक वर्ष में 02 बार अवश्य की जाए।
UPCM ने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने की अच्छी व्यवस्था और तैयारी जाए, जिससे आपदा की स्थिति में जन-धन हानि को रोका जा सके और लोगों को समय रहते कुशलतापूर्वक बचाया जा सके। जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के कार्यों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

UPCM ने कहा कि आपदा के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाए। आपदा प्रबन्ध विषय पर स्कूली बच्चों को जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ-साथ सिविल डिफेन्स एवं युवक मंगल दल के सदस्यों को भी जोड़ते हुए आपदा प्रबन्धन के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
UPCM ने कहा कि आपदा प्रबन्धन के सम्बन्ध में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करते हुए डेटा सेण्टर विकसित किया जाए। इसके अलावा, भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदाओं एवं उन आपदाओं के लिए दी जाने वाली राहत सहायता का प्रचार-प्रसार प्रदेश के समस्त जनपदों में किया जाए। राहत सहायता वितरित करने में कोई शिथिलता या कोताही न बरती जाए।
इस अवसर पर बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह, सहायता एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. धर्म सिंह सैनी, सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव ओलख, राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ले. जनरल (से.नि.) रवीन्द्र प्रताप साही, कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. प्रभात कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चन्द्रा, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय कुमार नारायण और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








