UPCM ने UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर किये

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों के मध्य पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे। इस अवसर पर UPCM ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 51 प्रयागराज कुम्भ शटल बसों व 03 CNG बसों को झण्डी दिखाकर रवाना भी किया।

 UPCM उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 51 प्रयागराज कुम्भ शटल बसों व 03 CNG बसों को झण्डी दिखाकर रवाना करते हुए
UPCM उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 51 प्रयागराज कुम्भ शटल बसों व 03 CNG बसों को झण्डी दिखाकर रवाना करते हुए

UPCM ने कहा है कि वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए कृतसंकल्पित है। यात्राएं आदिकाल से विकास का प्रमुख कारक रही हैं। सांस्कृतिक जड़ें हमारे देश की आत्मा हैं। इसके दृष्टिगत देश, प्रदेश और समाज की प्रगति और विकास के लिए बेहतर परिवहन सेवाएं बहुत आवश्यक हैं। बेहतर परिवहन साधनों की वजह से आवागमन सरल और सहज होता है। परिवहन के साधनों से आर्थिक गतिविधियां तो सुगम होती ही हैं, साथ ही, सांस्कृतिक एकीकरण को भी बढ़ावा मिलता है।

UPCM UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए
UPCM UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने कहा कि भारत एक सम्प्रभु राज्य है, दो राज्यों के मध्य यह करार इस बात को सिद्ध भी करता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश साझी विरासत और परम्परा से जुड़े हैं। इन दोनों राज्यों के मध्य धार्मिक एवं सामाजिक सम्बन्धों में काफी प्रगाढ़ता रही है। इसके साथ ही, दोनों राज्यों की शैक्षिक संस्थाओं एवं सांस्कृतिक धरोहरों में दोनों राज्यों के लोगों की पारस्परिक अभिरुचि भी असीम है। उन्होंने ने कहा कि यह परिवहन समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अतर्राष्ट्रीय परिवहन का बढ़ावा देने का काम भी कर रही है। इसके दृष्टिगत नेपाल तक भी बस सेवा संचालित है।

UPCM और UKCM ने UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर किये
UPCM और UKCM ने UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर किये

UPCM ने कहा कि परिवहन विभाग को PPP माॅडल पर काम करने की आवश्यकता है। इससे जहां आमजन को बेहतर परिवहन सेवायें मिल सकेंगी वहीं परिवहन विभाग का भी लाभांश बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग को पुलिस व लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय कर यातायात से जुड़े जागरुकता के कार्यक्रम चलाने चाहियें। इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

UPCM ने कहा कि संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। संवाद समाधान का सबसे अच्छा रास्ता है। उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश के मध्य कई विवाद थे, उन सभी विवादों का निस्तारण विराट सोच का परिणाम है। इस अवसर पर UPCM ने नवीनीकृत जनता दर्शन हाल एवं नव निर्मित काॅन्फ्रेंस रूम का बटन दबाकर लोकार्पण किया।

UPCM नवीनीकृत जनता दर्शन हाल एवं नव निर्मित काॅन्फ्रेंस रूम का बटन दबाकर लोकार्पण करते हुए
UPCM नवीनीकृत जनता दर्शन हाल एवं नव निर्मित काॅन्फ्रेंस रूम का बटन दबाकर लोकार्पण करते हुए

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सकरात्मक रुख के कारण यह समझौता सम्भव हो सका। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का उत्तर प्रदेश से धार्मिक, आर्थिक, सामाजिक व भावनात्मक नाता है।

UKCM UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए
UKCM UP-उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार परिवहन सुविधाओं की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करने के लिए संकल्पित है।

इससे पूर्व, उत्तराखण्ड सरकार के सचिव परिवहन शैलेश बगौली और उत्तर प्रदेश की प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने UPCM के समक्ष अभिलेखों का आदान-प्रदान किया।

UPCM उत्तराखंड CM को स्मृति भेंट करते हुए
UPCM उत्तराखंड CM को स्मृति भेंट करते हुए

ज्ञातव्य है कि इस समझौते से दिल्ली-ऋषिकेष, दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-कोटद्वार, दिल्ली-हल्द्वानी, दिल्ली-हरिद्वार, मथुरा-हरिद्वार, आगरा-सहारनपुर-देहरादून, आगरा-मेरठ-ऋषिकेश, मुरादाबाद-हल्द्वानी, मुरादाबाद-हरिद्वार-सहारनपुर,अलीगढ़-हल्द्वानी, बरेली-हरिद्वार, लखनऊ-देहरादून, कानपुर-ऋषिकेश, बहराईच- रूपैडिहा-हरिद्वार, वाराणसी-लखनऊ-बरेली-हरिद्वार, मथुरा-जयपुर -मथुरा-हरिद्वार, दिल्ली- मुरादाबाद-बनबसा-महेन्द्रनगर (नेपाल), आदि स्थान सीधे बस सेवाओं से जुड़ जाएंगे। इस समझौते के तहत 216 मार्गों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में प्रतिदिन कुल 13,9071 किमी। और उत्तराखण्ड राज्य परिवहन निगम द्वारा उत्तर प्रदेश के 335 मार्गों पर प्रतिदिन कुल 252592 किमी। का संचालन किया जाएगा।

इस मौके पर प्रदेश सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन, एस.पी. सिंह बघेल, डाॅ. महेन्द्र सिंह, मोहसिन रजा, नन्दगोपाल गुप्ता नंदी, मन्नू लाल कोरी और उत्तराखण्ड के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अध्यक्ष संजीव सरन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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