महापौर बनवाएंगी सिख साहबजादों के सहादत को याद करने के लिए पार्क

लखनऊ।
महापौर संयुक्ता भाटिया के 3 वर्ष पूर्ण होने पर विभिन्न उपलब्धियों पर आलमबाग गुरुद्वारा में ‘केंद्रीय सिंह सभा’ द्वारा महापौर को किया सम्मानित। इस मौके पर गुरुद्वारे में विशेष अरदास करा कर महापौर के लिए प्रार्थना भी की गयी।
इस मौके पर केंद्रीय सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार निर्मल सिंह ने महापौर के सफलतम 3 वर्षों के कार्यकाल पर बोलते हुए कहा कि लखनऊ की प्रथम महिला महापौर के लिए उम्र की कोई सीमा नही है, गुरु महाराज के आशीर्वाद से वह हमेशा सजग रहते हुए दिन भर लखनऊ की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। कोरोना काल में भी सक्रिय रहते हुए लखनऊ की चिंता करती रहीं। चाहे बाजारों में सैनिटाइज कराना हो या निराश्रितों को भोजन पैकेट पहुंचाना हो, कर्मठता से मातृ भाव से सेवा भाव से बखूबी कर्तव्य निभाया। उनके नेतृत्व में लखनऊ का डंका पूरे भारत मे बज रहा है, चाहे वह बॉण्ड का विषय हो या स्वच्छता सर्वेक्षण में 12वीं रैंकिंग का, 3 वर्षों में नगर निगम द्वारा लखनऊ भर में विकास कार्य कराए गए है। महापौर के नेतृत्व में एक नया लखनऊ उभर कर सबके सामने आया है। निर्मल सिंह में महापौर को गुरुनानक देव जी के नाम पर तिराहे का नामकरण करने के लिए विशेष धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
उन्होंने बताया कि महापौर सिख समाज के लिए सर्वथा उपलब्ध रहती है, दिसम्बर माह सिख समाज के लिये कुर्बानियों भरा रहा है, इसी माह साहिबजादों ने शहादत दी थी, उनकी याद में 27 दिसंबर को शहादत दिवस का कार्यक्रम भी किया जाएगा, जिसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी से महापौर संयुक्ता भाटिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात भी की है। निर्मल सिंह ने आगे कहा कि वह गुरुमहाराज जी से प्रार्थना करते है कि महापौर संयुक्ता भाटिया इसी तरह सेवा भाव से लखनऊ को चमकाती रहे और देश में लखनऊ के नित्य नए आयाम स्थापित करती रहें।
इस मौके पर महापौर ने कहा कि वह सभी के लिए 24 घंटे उपलब्ध है, जनता ने जो जिम्मेदारी उनके कंधे पर डाली है, जनता द्वारा जताए गए विश्वास पर वह खरे उतरने का प्रयास कर रही है। लखनऊ और लखनऊवासियों के लिए आगे जो भी बेहतर हो पायेगा वह उसे करने के लिए दृण संकल्पित है। उन्होंने आगे कहा कि गुरुपुत्र साहबजादों की शहादत हम सभी को धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है, उनके सहादत को नमन करने और उससे हमारे आनी वाली पीढ़ी को प्रेरणा प्राप्त होती रही इसके लिए से साहबजादों की शहादत के स्मरण में एक पार्क का निर्माण किया जाएगा।








