मजदूर किसान विरोध दिवस कर 8 सूत्रीय मांगों को लेकर श्रम आयुक्त द्वारा राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

गोण्डा।

अखिल भारतीय किसान मजदूर संघर्ष समन्वय समिति गोंडा द्वारा किसान मजदूर विरोधी दिवस के रूप में बुधवार को उप श्रमआयुक्त कार्यालय देवीपाटन मंडल पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरने को संबोधित करते हुए सीआईटीयू के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड कौशलेंद्र पांडेय ने कहा कि किसान विरोधी तीनों काला कृषि कानून को वापस लिया जाय व न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देते हुये कृषि बिल में शामिल किया जाय।एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष कामरेड सत्यनारायण त्रिपाठी ने कहा की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुविधा को सार्वभौमिक किया जाए तथा विद्युत एमेंडमेंट बिल 2020 व विद्युत वितरण के निजीकरण हेतु लाए जा रहे स्टैंडर्ड बीडिंग डॉक्यूमेंट को निरस्त किया जाए।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्वांचल चीनी मिल मजदूर यूनियन के कामरेड ईश्वर शरण शुक्ला ने कहा की श्रम विरोधी कानून में हुए संशोधनों को वापस लिया जाए तथा सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। धरने को संबोधित करते हुए कामरेड सुखई भारती ने कहा की सभी ठेका मजदूरों, संविदा, निविदा, आउटसोर्सिंग,फाउलसौर्सिंग पर कार्य कर रहे मजदूरों को न्यूनतम वेतनमान फंड बोनस आदि की सुविधा मुहैया कराई जाए।

इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित उप श्रमायुक्त देवीपाटन मंडल के माध्यम से 8 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया दिए गए मांग पत्र में तीनों किसान विरोधी अध्यादेश तत्काल वापस लिए जाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देते हुए किसानों के लिए कृषि बिल में शामिल किए जाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुविधा को सार्वभौमिक व सबके लिए के लिए उपलब्ध कराए जाने, विद्युत एमेंडमेंट बिल 2020 को वापस लिए जाने, श्रम कानूनों में हुए संशोधनों को वापस लिए जाने तथा सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दिए जाने, संविदा निविदा आउटसोर्सिंग फाउलसोर्सिंग पर कार्य कर रहे सभी मजदूरों को अस्थाई मजदूरों की भांति न्यूनतम वेतनमान, फंड, बोनस आदि सुविधा प्रदान किए जाने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजी हाथों में न बेचे जाने सहित अन्य मांगे शामिल हैं। धरना प्रदर्शन को अमेरिका यादव, रामगोविंद मिश्रा, सुरेश कनौजिया अध्यक्ष देवी पाटन मंडल गोंडा, संतराम, फूलमता, राधा देवी आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर खुशबू कनौजिया , निधि मिश्रा, प्रदीप तिवारी, जयप्रकाश मिश्रा, अरविंद तिवारी, बजरंगी पांडेय, चंद्रेश कुमार, शिवलाल, राममूरत, दिनेश कुमार, ज्ञानमती, इंद्रावती, स्वामीनाथ, दिनेश शुक्ला, प्रदीप कुमार तिवारी, धर्मेंद्र, सुरेंद्र कुमार सहित तमाम किसान व मजदूर संगठनों के लोग शामिल रहे।

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