उर्वरक की ब्लैक मार्केटिंग एवं तस्करी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश

मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में धान खरीद एवं डी0ए0पी0 उर्वरक की उपलब्धता आदि की अद्यतन प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

अपने संबोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि किसानों को अपना धान बेचने में कोई असुविधा न हो, इसे प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि सभी क्रय केन्द्रों में पूरी पारदर्शिता के साथ धान की खरीद तथा अधिकारियों द्वारा धान खरीद प्रक्रिया की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से धान क्रय केन्द्रों का निरीक्षण तथा केन्द्रों की व्यवस्थाओं के संबंध में किसानों का भी फीडबैक प्राप्त करें। इसके अतिरिक्त, नोडल अधिकारी किसानों को समय से भुगतान हो रहा है अथवा नहीं, इसकी भी समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध करायें। 

उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में धान की खरीद की प्रगति कम है, नोडल अधिकारी अपने निरीक्षण में इसकी भी समीक्षा करें तथा जाँच में धान क्रय केन्द्रों की व्यवस्थाओं में यदि कोई कमी परिलक्षित होती है तो अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में इसका स्पष्ट उल्लेख अवश्य करें ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा सके।  प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में डी0ए0पी0 एवं यूरिया की कोई कमी नहीं है, संबंधित अधिकारी उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की ब्लैक मार्केटिंग एवं तस्करी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाये।

इससे पूर्व बैठक में अवगत कराया गया कि अभी तक 4378 क्रय केन्द्र अनुमोदित किये गये हैं, जिनमें से 72 जनपदों में 3597 क्रय केन्द्रों में धान खरीद प्रारंभ है। प्रदेश में अभी तक 7.38 लाख किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है तथा अब तक 7.52 लाख मी0 टन धान की खरीद की जा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1265 चावल मिलों के आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1063 चावल मिलों का सत्यापन किया जा चुका है। सभी क्रय केन्द्रों को खरीद हेतु ई-पॉस मशीन उपलब्ध करा दी गई है तथा कार्मिको को इसके संचालन का प्रशिक्षण भी दिलाया जा चुका है। भण्डारण के लिए सभी जरूरी इंतजाम किये जा चुके हैं।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी सहित सहकारिता, खाद्य एवं रसद तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 

Related Articles

Back to top button
btnimage