भारत में प्राचीन समय से ही गुरु व शिक्षक परंपरा चली आ रही : संयुक्ता भाटिया

प्रथम बार महापौर द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर नगर निगम मुख्यालय स्थित त्रिलोकनाथ हाल में नगर निगम के समस्त स्कूल व कॉलेज में कार्यरत सभी शिक्षकों को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि जीवन में शिक्षक का किरदार बहुत खास होता है, वे किसी के जीवन में उस बैकग्राउंड म्यूज़िक कि तरह होते हैं, जिसकी उपस्थिति मंच पर तो नहीं दिखती, परंतु उसके होने से नाटक में जान आ जाती है। ठीक इसी प्रकार हमारे जीवन मे एक शिक्षक की भी भूमिका होती है। चाहें आप जीवन के किसी भी पड़ाव पर हों, शिक्षक की आवश्यकता सबको पड़ती है।

महापौर ने आगे कहा की गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है। भारत में प्राचीन समय से ही गुरु व शिक्षक परंपरा चली आ रही है, लेकिन जीने का असली सलीका हमें शिक्षक ही सिखाते हैं। सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

अंत मे उन्होंने सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं  देते हुए अपनी बात समाप्त की।

इस अवसर पर महापौर संग लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता जी, पार्षद कौशलेन्द्र द्विवेदी, अपर नगर आयुक्त अमित कुमार जी, प्रभारी अधिकारी(अधिष्ठान) अशोक सिंह जी व अवर अभियन्ता किशोरी लाल जी तथा अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज, अमीनाबाद इण्टर कॉलेज, म्युनिसिपल गर्ल्स इण्टर कॉलेज-कश्मीरी मोहल्ला, चिल्ड्रेन्स पैलेस म्युनिसिपल नर्सरी स्कूल, कश्मीरी मोहल्ला मॉडल माण्टेसरी स्कूल व मॉडल माण्टेसरी स्कूल-मॉडल हाउस के कुल 101 शिक्षकों सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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