PWD के जोन मुख्यालयों के वीडियो कांफ्रेंसिंग संसाधनो के लिए धनराशि निर्गत: केशव

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) लखनऊ मुख्यालय, शासन एवं प्रदेश के समस्त मंडलीय मुख्यालय के लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों को (20 लोकेशन) को वीडियो कांफ्रेंसिंग कार्य के अनुरक्षण हेतु कुल रुपया 44 लाख 12 हजार 211की धनराशि निर्गत करने के आदेश उप मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 लोकेशनो हेतु रु0 3040340. 00 तथा सर्वर एवं सहवर्ती उपकरणों के वार्षिक अनुरक्षण हेतु रु० 923326.00 तथा उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में स्थित कमांड सेंटर को 10 एम वी पी एस बैंड विड्थ हेतु रु0 448545.00 निर्गत करने के आदेश उप मुख्यमंत्री द्वारा जारी कर दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग में वीडियो कांफ्रेंसिंग तकनीक का शुभारंभ सरकार गठन होते ही वर्ष 2017 से प्रारंभ हो गया था। प्रत्येक वर्ष इसका अनुरक्षण कार्य निरंतर किया किया जा रहा है। कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन सभी कार्यों जो लोक निर्माण विभाग द्वारा जनहित में किए जाते हैं ,का अनुश्रवण केन्द्रीयकृत व्यवस्था के माध्यम से कम समय में किया जा सकता है ।कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्यों की व्यवस्था को महीनों से घटाकर मिनटों में सीमित कर दिया है ।
क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा बार-बार मुख्यालय आकर रिपोर्टिंग करने हेतु किए जाने वाले समय व धन के अपव्यय को समाप्त कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश की जनता की सुविधा हेतु सुगम सड़कों का निर्माण किया जाता है। प्रदेश की जनता का यह मौलिक अधिकार है कि वह अपनी समस्याओं हेतु सरकार के माध्यम से लोक निर्माण विभाग से प्रश्न कर सके, इसी उत्तरदायित्व के निर्वहन हेतु प्रदेश सरकार निरंतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक निर्माण विभाग द्वारा सुगम सड़कों के निर्माण व अनुरक्षण हेतु निर्देश देती रहती है ।
उप मुख्यमंत्री के निर्देशन में विभाग द्वारा निरंतर यह प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उच्च गुणवत्ता की इंटरनेट लाइन व तकनीकों का प्रयोग कर विभाग को अधिक तकनीकीकृत बनाया जाए ताकि जनहित के प्रति उत्तरदायित्व का अधिकाधिक निर्वहन किया जा सके ।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिस प्रकार से नवीनतम व आधुनिकतम तकनीकी का इस्तेमाल कर कम लागत में बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण सड़कों पुलों व भवनों का निर्माण किया जा रहा है, उसी प्रकार से इनके अनुश्रवण की तकनीकी व्यवस्था को इतना सरल और मजबूत बनाया जाए कि विभाग की हर सूचना समय से अपडेट रहें और जिला तथा खंडों से लगातार समन्वय व तारतम्य बना रहे तथा कार्यों की परख व धरातल की जांच आसानी के साथ की जा सके।






