रोशन गांव, सशक्त नारी-विद्युत सखी है, पहचान हमारी : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद
विद्युत सखी कार्यक्रम ने छुआ नया मुकाम-2400 करोड़ से अधिक पहुंचा, विद्युत बिल कलेक्शन

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओ के आजीविका संवर्धन, उन्हे आत्मनिर्भर व स्वावलम्बी बनाये जाने की दिशा में बहुत ही कारगर, ठोस व प्रभावी कदम उठाये गये हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहो की महिलाओ के बेहतर भविष्य निर्माण हेतु सततरूप से प्रयासरत है और विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से महिलाओ की आमदनी मे बड़े पैमाने पर इजाफा हुआ है।
इसी कड़ी मे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विद्युत सखी कार्यक्रम में नई उपलब्धियां हासिल की है। इस कार्यक्रम से जुड़े स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने योजना के प्रारंभ वर्ष 2020 से विद्युत सखियों ने विद्युत बिल वितरण कंपनियो (डिस्काम) के लिए रू 2400 करोड़ से अधिक का राजस्व कलेक्शन करने में सफलता पाई है।
यूपीएसआरएलएम के इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल विद्युत सखी के रूप में रोजगार देकर महिलाओं को सशक्त बनाना है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिस्काम की विद्युत बिल कलेक्शन क्षमता में सुधार लाना है। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) आइसीआइसीआइ बैंक और तकनीकी सहायता एजेंसी के तौर पर काउंसिल ऑन एनर्जी एनवायरनमेंट एंड वाटर के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। 14700 से अधिक विद्युत सखियों द्वारा रू 2400 करोड़ से अधिक का बिल कलेक्शन करते हुये रू 33.05 करोड़ का कमीशन अर्जित किया गया। एक कलस्टर मे 2 विद्युत सखी के चयन के दृष्टिगत 29900 विद्युत सखी का चयन करके उन्हे क्रियाशील किया जा रहा है।
मिशन का उद्देश्य इस कार्यक्रम को विस्तार देना और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता कवरेज में सुधार लाना है। विद्युत सखी कार्यक्रम रोशन गांव, सशक्त नारी, विद्युत सखी है पहचान हमारी के लक्ष्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन मे ग्राम्य विकास विभाग के कार्याे की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यह साबित कर रहा है उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब सिर्फ विद्युत उपभोक्ता नहीं है, बल्कि बदलाव का वाहक बन रही है। विद्युत सखी कार्यक्रम अपने बिस्तार के साथ इस बात का शानदार उदाहरण बनकर सामने आ रहा है कि कैसे समावेशी नीतियां और जमीनी प्रयास सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं, कैसे हमारे प्रदेश की महिलाएं सरकार के राजस्व में योगदान दे सकती हैं और हम सभी के लिए एक न्यायसंगत और सतत भविष्य का निर्माण कर सकती हैं।






