विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख मांगी जेड श्रेणी सुरक्षा

गाजियाबाद (लोनी)।
गाजियाबाद के लोनी विधानसभा से #BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गृहमंत्री अमित को पत्र लिखकर महाराष्ट्र सरकार को राष्ट्रविरोधी और डी-कंपनी के इशारे पर चलनी वाली सरकार बताते हुए बर्खास्त कर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।
विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि #महाराष्ट्र_सरकार पर #अंडरवर्ल्ड_डॉन_दाउद_इब्राहिम का प्रभाव है और उद्वव ठाकरे एक #डमी_मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य कर रहे है। विधायक ने दावा किया कि अभी भी उद्वव ठाकरे और उनका मंत्रिमंडल दाउद के संपंर्क में है जिसकी जांच एनआईए द्वारा कराई जाए। साथ ही विधायक ने अंडरवर्ल्ड और महाराष्ट्र सरकार द्वारा कंगना रनौत की हत्या कराए जाने की भी आशंका जताते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा को वाई से बदलकर जेड श्रेणी का करने की मांग की है।

लोनी विधायक ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि महाराष्ट्र की जनता द्वारा दिए गए जनादेश का अपहरण कर उद्वव ठाकरे के नेतृत्व में बनाई गई राष्ट्रविरोधी महाराष्ट्र सरकार लगातार असंवैधानिक और लोकतंत्र विरोधी कार्य कर रही है। मेरे द्वारा पूर्व में प्रेषित पत्रांक संख्या 587516 के माध्यम से आपको अवगत कराया गया था कि महाराष्ट्र सरकार राष्ट्रविरोधी ताकतों और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के प्रभाव में काम कर रही है जिसके कारणवश देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फिल्म माफिया, नेपोटिज्म और अंडरवर्ल्ड का गठजोड राष्ट्रविरोधी़-सनातन विरोधी कार्य और अभिनेता सुशांत सिंह राजपुत जैसे युवाओं की हत्या कर देश को खोखला करने का कार्य कर रहे है। अब ये गठजोड़ राष्ट्रवादी विचारधारा और सनातन धर्म के मूल्यों को अक्षुण्ण रखने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत की हत्या करना चाहता है क्योंकि रनौत ने इस गठजोड़ का असली चेहरा आमजनमानस में उजागर कर दिया है। इससे महाराष्ट्र की जनता का उद्वव ठाकरे सरकार से विश्वास उठता जा रहा है क्योंकि महाराष्ट्र में जबसे ‘महाराष्ट्र विनाश अगाड़ी’ की सरकार बनी है तबसे पूरा महाराष्ट्र अपराध और ड्रग्स की चपेट में आ चुका है जो भाजपा के सरकार में खत्म हो चुका था। महाराष्ट्र में पुनः 1990 का दौर आ चुका है जब मुंबई का मतलब दाउद इब्राहिम हुआ करता था। अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा महाराष्ट्र सरकार और अंडरवर्ल्ड डॉन के गठजोड़ से पर्दा उठाने के बाद उपरोक्त गठजोड़ द्वारा महिला अभिनेत्री को जान से मारने की धमकी, असंवैधानिक तरीके से दाउद के दबाव में उनके कार्यालय ‘मणिकर्णिका’ को तोड़ा गया है। अब उपरोक्त गठजोड़ #कंगना_रनौत की हत्या करना चाहती है। इसलिए कंगना रनौत की सुरक्षा को वाई से बढ़ाकर जेड प्लस किया जाना जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए जा रहे कुकृत्यों को माननीय बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी फटकार लगाते हुए कहा है कि कंगना रानौत की अनुपस्थिति मे बीएमसी द्वारा ध्वस्तीकरण का कार्य असंवैधानिक है। वहीं मुंबई में ही सलमान खान, शाहरूख खान, आतंकी जाकिर नाईक और डॉन दाउद इब्राहीम जिन्होंने हमेशा देश विरोधी ताकतों और देश का साथ दिया है जिनकी दर्जनों अवैध इमारतें मुंबई में खड़ी है लेकिन उसे बीएमसी छूने तक की हिम्मत नहीं करती है क्योंकि इन्हें अंडरवर्ल्ड दाउद इब्राहिम का संरक्षण प्राप्त है और सरकार दाउद के प्रभाव में कार्य कर रही है।
#महाराष्ट्र की सरकार #उद्वव_ठाकरे नहीं #उद_इब्राहिम द्वारा चलाई जा रही है और महाराष्ट्र के #मुख्यमंत्री_उद्वव_ठाकरे एक डमी मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य कर है जबकि असली मुख्यमंत्री दाउद इब्राहिम है। आज भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उनकी पूरी कैबिनेट दाउद के संपंर्क में है। इसकी पुष्टि के लिए आप इन सभी की सीडीआर निकाल सकते है। विधायक ने पत्र में लिखा कि आज पितृपक्ष में बाला साहेब ठाकरे की आत्मा को भारी कष्ट पहुंचा होगा क्योंकि जिस व्यक्ति ने सनातन धर्म और राष्ट्र के लिए अपना संपूर्ण जीवन न्यौछावर कर दिया , सदैव इस्लामिक कट्टरपंथी के खिलाफ लड़ाई लड़ी लेकिन सत्ता मिलते ही उनका पुत्र इस्लामिक ताकतों और दाउद के गोद में जाकर बैठ गया। विधायक ने पत्र में अपना भी जिक्र करते हुए कहा कि हमने सनातन और हिंदू विरोधी, आतंकी देश पाकिस्तान को क्लीन चिट देने वाली अभिनेत्री अनुष्का शर्मा द्वारा निर्मित ‘पाताललोक वेबसीरीज’ के खिलाफ जबसे आवाज उठाई जिसे भारी जनसमर्थन मिला, तबसे मुझे भी लगातार उपरोक्त गठजोड़, इस्लामाबाद पाकिस्तान और अन्य इस्लामिक देशो से जान से मारने की धमकी आ रही है।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने डी कंपनी और महाराष्ट्र सरकार के गठजोड़ की जांच एनआईए से कराने की मांग के साथ ही विधायक ने महाराष्ट सरकार को राष्ट्रविरोधी बताते हुए बर्खास्त कर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाकर मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे को गिरफ्तार कर सख्ती के साथ पूछताछ करने को कहा है, जिससे भविष्य में कोई भी सरकार राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ मिलकर देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का दुस्साहस न जुटा सकें।







