UPCM ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत रामायण सर्किट थीम और अयोध्या के निर्माण कार्यों की प्रगति का प्रस्तुतिकरण देखा

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने यह निर्देश शास्त्री भवन में भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत रामायण सर्किट थीम, अयोध्या के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित प्रस्तुतिकरण को देखते हुए दिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या के सभी पौराणिक स्थलों का सौन्दर्यीकरण किया जाए। साथ ही, खुले क्षेत्रों में जगह-जगह पर वनीकरण कराया जाए। सरयू जी की ड्रेजिंग करवाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नदी का जल एकदम स्वच्छ होना चाहिए, ताकि स्नानार्थियों को कोई असुविधा न हो। साथ ही, नदी का जल प्रवाह भी ठीक होना चाहिए। सरयू जी में नालों का पानी आने से रोकने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने अयोध्या शहर में बिजली के तारों की अण्डरग्राउण्ड केबलिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि अनावश्यक खम्भों को हटाया जाए, ताकि रास्ते के व्यवधान खत्म हों और आवागमन सुविधाजनक हो सके।

UPCM ने कहा कि अयोध्या को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के बाधारहित आवागमन के दृष्टिगत अयोध्या के सभी मार्गों का सुदृढ़ीकरण/चैड़ीकरण/मरम्मत, जो भी आवश्यक हो, किया जाए। मार्गों पर अच्छी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अयोध्या की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। पर्यटकों के लिए पेयजल, शौचालय, विश्रामालय, धर्मशालाओं इत्यादि की व्यवस्था की जाए। उन्होंने पंचकोसी, चैदहकोसी और चैरासीकोसी परिक्रमाओं के मार्गों को सुव्यवस्थित बनाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने अयोध्या में यात्रियों की सुविधा के लिए पर्यटन आवास गृह, धर्मशालाओं, विश्रामालय इत्यादि के निर्माण के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्यों में स्थानीय स्थापत्य की झलक दिखनी चाहिए। उन्होंने नागेश्वरनाथ मंदिर तक के पहुंच मार्ग का नवीनीकरण/सुदृढ़ीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अयोध्या में अच्छे होटलों के निर्माण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अयोध्या को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अयोध्या में इस वर्ष होने वाले दीपोत्सव के अवसर पर आकर्षक आतिशबाजी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कुम्भ-2019 के मद्देनजर अयोध्या, चित्रकूट, इलाहाबाद तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को 04 लेन मार्गों से आपस में जोड़ने के निर्देश दिए।
UPCM के समक्ष प्रस्तुतिकरण देते हुए अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने अयोध्या में कराए जा रहे कार्यों की प्रगति के विषय में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की इस योजना के तहत अब तक लगभग 15 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस परियोजना के तहत कार्य प्रारम्भ किए जा चुके हैं, जिनमें रामकथा गैलरी एवं क्वीन हो मेमोरियल, बस डिपो का निर्माण, दिगम्बर अखाड़े में मल्टीपरपज हाॅल का निर्माण, पुराने बस स्टैण्ड पर कार पार्किंग, राम की पैड़ी के सौन्दर्यीकरण का कार्य, सिटी वाइड इन्टरवेन्शन कार्य, अयोध्या मुख्य मार्ग एवं फुटपाथ के नवीनीकरण का कार्य, चैक अयोध्या से हनुमानगढ़ी, कनक भवन होते हुए राम की पैड़ी तक पैदल यात्री मार्ग के नवीनीकरण का कार्य, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर यात्री शेल्टर का कार्य, पटेश्वरी देवी मंदिर का कार्य तथा रेलवे स्टेशन अयोध्या पर टी.आई.सी. बूथ का कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि रामकथा गैलरी एवं क्वीन हो मेमोरियल का 25 प्रतिशत कार्य हो चुका है। इसे अक्टूबर, 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। बस डिपो निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू होगा और इसे भी अक्टूबर, 2018 तक पूर्ण करा लिया जाएगा। इसी प्रकार अन्य कार्य भी शीघ्रता से करवाए जाएंगे।

UPCM को प्रस्तुतिकरण के दौरान सिंचाई विभाग द्वारा अयोध्या के गुप्तार घाट परियोजना की प्रगति के बारे में भी अवगत कराया गया। यह कार्य सिंचाई विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। इसके संदर्भ में प्रमुख सचिव सिंचाई ने बताया कि नवनिर्मित घाट की लम्बाई 800 मीटर होगी। जनपद फैजाबाद में घाघरा (सरयू) नदी के दायें तट पर निर्मित गुप्तार घाट के 100 मीटर अपस्ट्रीम में घाट निर्माण का कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार जनपद फैजाबाद में घाघरा (सरयू) नदी के दायें तट पर निर्मित गुप्तार घाट के 700 मीटर डाउनस्ट्रीम में घाट निर्माण का कार्य किया जाएगा। पूर्व निर्मित गुप्तार घाट की मरम्मत का कार्य भी कराया जाएगा। माॅडर्न चेजिंग रूम, गजीबो एवं साइनेज इत्यादि लगाने का कार्य भी कराया जाएगा।
UPCM ने कार्य में तेजी लाते हुए इसे समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने रामायण सर्किट के तहत चित्रकूट के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, मुख्य सचिव राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव वन रेणुका कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








