UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों को त्योहारों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवरात्रि, दशहरा, दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन जैसे त्योहारों/आयोजनों के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने के साथ-साथ आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान शक्तिपीठों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम किए जाएं।
UPCM ने कहा कि सभी त्योहारों के दौरान विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जनपदों के जिला प्रशासन को सकारात्मक रवैया अपनाने के निर्देश दिए, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सकें और कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने समस्त जनपदों में आयोजकों से निरन्तरता के साथ संवाद स्थापित करने के भी निर्देश सभी उच्चाधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्ह्ति कर लिया जाए और आवश्यक कार्यवाही की जाए।

UPCM ने इन त्योहारों के दौरान आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों और जुलूसों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों को दिए। उन्होंने थाना व जनपद स्तर पर पीस कमेटी की बैठकों हर हाल में आयोजित करने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को दिए। साथ ही, हर स्तर पर सुरक्षा प्रबन्ध चाक-चैबन्द रखने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगाह रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन, मण्डल, जनपद, तहसील और थाना स्तर के सभी अधिकारी इन त्योहारों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
UPCM ने जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि पूजा-पण्डालों, रामलीला मंचन के स्थानों के आस-पास साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर, 2018 से 13 नवम्बर, 2018 के मध्य दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली तथा छठ पूजा जैसे त्योहार मनाए जाएंगे। इसलिए सभी जनपदों के वरिष्ठ अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ये सभी पर्व और त्योहार शान्ति के साथ मनाए जा सकें।
UPCM ने कहा कि शान्ति व्यवस्था पर पूरा फोकस किया जाए और शरारती तत्वों से सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि पूजा आयोजकों से बातचीत कर उन्हीं के लोगों की टीम गठित की जाए, ताकि वे स्वयं आयोजन के सुचारू प्रबन्धन और सुरक्षा सम्बन्धी मामलों में सतर्क रहें। इस टीम से समन्वय स्थापित कर जिला व पुलिस प्रशासन सुरक्षा प्रबन्धों के सम्बन्ध में कार्यवाही करे।
UPCM ने कहा कि इन त्योहारों की सुदृढ़ व्यवस्था के सम्बन्ध में पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी जनपदीय पुलिस अधिकारियों एवं अन्य सम्बन्धित उच्चाधिकारियों को जो निर्देश पूर्व में भेजे गए हैं, उनका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन पर्वों और त्योहारों के दौरान किसी भी नई परम्परा को न शुरू किया जाए।
UPCM ने कहा कि पूजा आयोजकों के साथ दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के मार्ग का निर्धारण पहले से कर लिया जाए और विवाद की स्थिति में बातचीत कर रास्ता निकाला जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कोई अप्रिय घटना घटित न हो। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा, रामलीला मेले और जूलूस के अवसर पर असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाते हुए महिलाओं से छेड़छाड़ व अन्य आपराधिक घटनाओं को रोका जाए।

UPCM ने कहा कि थानों के त्योहार रजिस्टरों का सभी अधिकारियों द्वारा अध्ययन कर लिया जाए और अपेक्षित पुलिस व सुरक्षा प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए जलकुण्डों की व्यवस्था की जाए, ताकि नदियों में प्रदूषण न फैले।
UPCM ने कहा कि असामाजिक व अवांछनीय तत्वों के विरुद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। छोटी से छोटी घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण हो तथा विवाद को हल करने के लिए कड़े और प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। रामलीला के स्थानों, दुर्गा प्रतिमाओं के स्थापना स्थलों और प्रतिमा विसर्जन के स्थानों आदि को पहले से ही चिन्ह्ति करते हुए सुरक्षा सम्बन्धी कार्यवाही समय रहते कर ली जाए। शान्ति समितियों की बैठक कर सम्भ्रान्त नागरिकों व शान्ति समितियों के सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जाए।
UPCM ने कहा कि नदियों के घाटों, सरोवरों आदि पर जल पुलिस, बाढ़ राहत पुलिस के साथ होमगाड्र्स, सिविल डिफेन्स के पदाधिकारियों व सदस्यों की सेवाएं प्राप्त की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि संचार, अग्निशमन, चिकित्सीय व्यवस्थाओं के साथ-साथ बचाव एवं राहत टीमों का गठन भी सुनिश्चित किया जाए। अभिसूचना इकाइयों के अधिकारियों, कर्मचारियों को सतर्क करते हुए पर्याप्त फीडबैक लिया जाए।
UPCM ने पूजा स्थलों और अन्य कार्यक्रम स्थलों के साथ पूरे शहर में साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपदों के जिला पंचायती राज अधिकारियों (DPRO) के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने मन्दिरों में आने वाली भीड़ को मन्दिर के व्यवस्थापकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में पुलिस मन्दिर परिसर के अन्दर हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने जिला प्रशासन को श्रद्धालुओं द्वारा अपने आवासीय परिसर में मूर्ति स्थापित करने पर अनावश्यक परेशान न करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मन्दिर परिसरों, पूजा पण्डालों से रात्रि में वापस लौटने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि जूलूसों से सम्बन्धित सभी पहलुओं पर पूर्व में ही अभिसूचना एकत्रित कर ली जाए एवं अभिसूचना के आधार पर सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जूलूस के मार्ग में स्थित अवरोधों को पहले से ही दूर करने की कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए नगर पालिका, विद्युत विभाग, डाक व तार विभाग और अन्य सम्बन्धित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर लिया जाए। सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए तथा बैरीकेडिंग के लिए लगाए गए बैरियर्स पर रिफ्लेक्टर्स लगाए जाएं। किसी भी आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए सरकारी एम्बुलेंस सेवाओं को एलर्ट रखा जाए।
UPCM ने कहा कि आयोजकों की ओर से जूलूस का संचालन हेतु नियुक्त कराए गए स्वयं सेवियों से निरन्तर संवाद और समन्वय रखा जाए। पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्युत और अग्नि से सम्बन्धित दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने 24 अक्टूबर, 2018 को वाल्मीकि जयन्ती के अवसर पर सजग रहने के निर्देश दिए।
UPCM ने इस अवसर पर जनपद बलरामपुर, बहराइच, कुशीनगर, कानपुर नगर, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, बिजनौर, मेरठ, सम्भल, अलीगढ़ और आगरा के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुरक्षा प्रबन्धों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।
बैठक में मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेन्स) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








