UPCM F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने होटल रमाडा में फेडरेशन आॅफ होटल एण्ड रेस्टोरेण्ट एसोसिएशन्स आॅफ इण्डिया (F.H.R.A.I.) के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बन चुका है। निवेश प्रस्तावों के तहत हाॅस्पिटैलिटी सेक्टर के काफी प्रस्ताव मिले हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने और इसके माध्यम से रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार इस सेक्टर में निवेश करने वालों को प्रोत्साहित करेगी। राज्य सरकार की मंशा इस सेक्टर में प्रतिवर्ष 05 हजार करोड़ रुपए के निवेश सुनिश्चित करने की है।

UPCM ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान एक असीम सम्भावनाओं वाले प्रदेश के रूप में बन गई है। वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में विकास का नया युग प्रारम्भ हो गया है। इस वर्ष फरवरी, 2018 में आयोजित ‘UP-इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब इस समिट का आयोजन किया जाना था, तब बहुत से लोगों का ये मानना था कि उत्तर प्रदेश में कौन निवेश करने आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा था, जिसके चलते यह आयोजन सफलतापूर्वक न केवल सम्पन्न हुआ, बल्कि अब तक लगभग 05 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्रदेश को मिल चुके हैं। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 29 जुलाई को इन प्रस्तावों में से 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का शिलान्यास भी किया जा चुका है।

UPCM F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह को समबोधित करते हुए
UPCM F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह को समबोधित करते हुए

UPCM ने कन्वेन्शन की थीम ‘स्प्रिचुअल एण्ड वेलनेस टूरिज्म’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज के परिप्रेक्ष्य में अत्यन्त प्रासंगिक थीम है। उत्तर प्रदेश में स्प्रिचुअल एण्ड वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों का विकास कर रही है, ताकि देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में पर्यटन को बढ़ावा देने की जो योजना बनायी, उसके तहत उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक धार्मिक सर्किटों की स्थापना की गई है। आज प्रदेश में रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट, कृष्ण सर्किट, सूफी सर्किट जैसे महत्वपूर्ण सर्किट श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हैं।

UPCM ने प्रयाग कुम्भ-2019 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्व का विशालतम आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समागम है। इसमें लगभग 13 करोड़ लोगों के आने की सम्भावना है। मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक श्रद्धालुओं के लिए कुम्भ में भाग लेने का अवसर रहेगा। इस समागम में न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी आते हैं।

UPCM ने कहा कि यह आयोजन भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति का एक जीवन्त प्रसंग है। सम्पूर्ण देश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने में इस आयोजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश सरकार प्रयाग कुम्भ-2019 के भव्य एवं दिव्य आयोजन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसके लिए तीर्थराज प्रयाग में युद्धस्तर पर अवस्थापना विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

UPCM F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए
UPCM F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए

UPCM ने कहा कि राज्य में अन्य प्रकार के पर्यटन जैसे ईको टूरिज्म, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म इत्यादि की भी व्यापक सम्भावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार इन्हें बढ़ावा देने के लिए सभी कदम उठा रही है। पर्यटन विकास के लिए राज्य में उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2018 लागू की गई है। इसके माध्यम से राज्य में देश के सर्वाधिक पर्यटकों के आगमन, पर्यटन सर्किट बनाने, पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि पर विशेष बल दिया जा रहा है।

UPCM ने कहा कि वेलनेस अथवा स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में देश ने तेजी से अपना विशिष्ट स्थान बनाया है। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में विकास की अपरिमित सम्भावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में कुशल डाॅक्टरों और आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पतालों की पर्याप्त उपलब्धता है। हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाएं अन्य देशों के मुकाबले काफी सस्ती हैं। आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग आदि की समृद्ध परम्परा स्वास्थ्य हेतु पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा कारण हैं।

UPCM ने कहा कि पारम्परिक भारतीय चिकित्सा पद्धति आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार में अत्यन्त कारगर सिद्ध हो रही है। पर्यटन उद्योग अर्थव्यवस्था के विकास में अत्यन्त सहायक है। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होते हैं। अनेक देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर है। राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के गम्भीर प्रयास कर रही है।

UPCM ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश की राजधानी में इस कन्वेन्शन के आयोजन से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन उद्योग के विकास में होटल और रेस्टोरेण्ट की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्कृष्ट स्तर की होटल और रेस्टोरेण्ट की सुविधा पर्यटकों के लिए अपने आप में बड़ा आकर्षण होता है।

इससे पूर्व, UPCM ने कार्यक्रम स्थल पहुंचने के उपरान्त होटल के प्रांगण में वृक्षारोपण किया। उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजकों की तरफ से UPCM को एक प्रतिमा प्रतीक स्वरूप भेंट की गई।

UPCM को F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह स्मृति भेंट करते हुए
UPCM को F.H.R.A.I. के 53वें वार्षिक कन्वेन्शन के उद्घाटन समारोह स्मृति भेंट करते हुए

इस अवसर पर वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, परमार्थ आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, F.H.R.A.I. के अध्यक्ष गरीश ओबराॅय सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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