UPCM ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की
लखनऊ (11 जून, 2019)। UPCM ने लोक भवन में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभागों को सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही को गम्भीरता से लिया जाएगा।
UPCM ने सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने और इनमें होने वाली जनधन हानि को हर हाल में रोके जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा और मार्ग दुर्घटनाओं के नियंत्रण के सम्बन्ध में परिवहन विभाग को प्रत्येक माह सभी विभागों के साथ समन्वय करते हुए समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि इन मासिक समीक्षा बैठकों में निर्णयों के अनुपालन की प्रगति की जानकारी से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए। साथ ही, जिन विभागों द्वारा निर्णयों को लागू करने में रुचि नहीं ली जा रही, उनकी भी जानकारी प्रदान की जाए।
UPCM ने सड़क निर्माण से जुड़ी सभी एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग, NHAI आदि से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में दुर्घटना रोकने के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माण के सम्बन्ध में नोडल विभाग है। यह विभाग सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभागों को सड़क सुरक्षा हेतु आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने सड़कों के जंक्शन पर ओवर स्पीडिंग को कम करने के उपाय किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्षों की दुर्घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर चिन्हित ब्लैक स्पाॅट्स का ऑडिट और आई.आर.सी. के मानक के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की जांच की जाए। जिन ब्लैक स्पाॅट्स पर दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई है, उनका विशेष सेफ्टी आॅडिट करते हुए सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, रोड मार्किंग एवं जेब्रा क्राॅसिंग का निर्माण आवश्यकतानुसार कराया जाए।
UPCM ने हेलमेट और सीट बेल्ट की व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों को पेट्रोल की आपूर्ति न किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान चलाया जाए। सभी प्रधानाचार्यों की मीटिंग बुलाकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में अवगत कराएं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को जानकारी मिले और उनमें जागरूकता आए। सड़क सुरक्षा से जुड़े बिन्दुओं का पैम्फलेट तैयार कर विद्यालयों में वितरित किया जाए।
UPCM ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति को निकटतम अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। जिन मार्गों पर ब्लैक स्पाॅट की संख्या अधिक है, उन पर एम्बुलेंस की व्यवस्था और मार्ग पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सी.एच.सी. को सुदृढ़ किया जाए तथा वहां के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। NHAI, यूपीडा, उपशा, यीडा की एम्बुलेंसेज को 108 एम्बुलेंस सेवा से जोड़ा जाए।
UPCM ने प्रत्येक जनपद में ओवर स्पीडिंग की जांच हेतु स्पीड राडार एवं पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वाहनों की गति सीमा को निर्धारित किया जाए और उसके बोर्ड स्थापित किए जाएं। ड्रंकेन ड्राइविंग करने वाले चालकों की सघन चेकिंग ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से की जाए। सड़क के किनारे खड़े हुए वाहनों और अवैध ढाबों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्पीड ब्रेकेर्स मानकों के अनुसार निर्मित किए जाएं। नेशनल हाइवेज़, स्टेट हाइवेज़, एक्सप्रेस-वेज़ पर डायल-100 और 108 एम्बुलेंस सेवा का प्रभावी संचालन किया जाए। सड़कों पर स्टन्ट किए जाने को हर हाल में रोका जाए।
UPCM ने यमुना एक्सप्रेस-वे तथा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे एवं टोल प्लाजा पर जन सुविधाओं को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं शौचालय की सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने यह सुविधाएं पेट्रोल पम्प पर भी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में पुलिस, परिवहन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
UPCM ने स्कूली वाहनों की फिटनेस, उनके परमिट और चालकों की फिटनेस को सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी मार्गों पर यातायात नियंत्रण सम्बन्धी साइन बोर्ड को प्राथमिकता के आधार पर लगाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि मार्ग दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण ड्राइवरों की लापरवाही, ओवर स्पीडिंग और ड्रन्केंन ड्राइविंग है। उन्होंने ड्राइवरों के स्वास्थ्य परीक्षण भी कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक्सप्रेस-वेज और राजमार्गों पर तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण इन पर सजग पेट्रोलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों में सुरक्षा का भाव और जागरूकता उत्पन्न करने के लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक के सामान्य नियमों की जानकारी और अनुपालन से बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसलिए सड़क सुरक्षा और यातायात के नियमों के सम्बन्ध में आम नागरिक को जागरूक किया जाना आवश्यक है।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने UPCM को गत 20 नवम्बर, 2018 को सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन सम्बन्ध में विभागवार विस्तृत रूप से अवगत कराया।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह, DGP ओ.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, सूचना निदेशक शिशिर सहित सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।