लखनऊ (11 जून, 2019)। UPCM के समक्ष लोक भवन में वाणिज्य कर विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण किया गया। प्रस्तुतिकरण अवलोकन के दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा राजस्व के सम्बन्ध में निर्धारित किए गए अपने लक्ष्यों की प्राप्ति समयबद्ध ढंग से की जाए। उन्होंने कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाणिज्य कर विभाग लगातार वाणिज्यिक गतिविधियों की माॅनीटरिंग कर राजस्व चोरी में लगे तत्वों को चिन्हित करे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
वाणिज्य कर विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा ने वाणिज्य कर राजस्व के लिए वर्ष 2019-20 में निर्धारित 77,640 करोड़ रुपए के लक्ष्य के सापेक्ष कर संग्रह के विषय में UPCM को अवगत कराते हुए बताया कि मई, 2019 तक 10,730.52 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 10,711.17 करोड़ रुपए की प्राप्ति की जा चुकी है। उन्होंने पिछले 03 वर्षों के दौरान प्रवर्तन कार्य से जमा धनराशि के विषय में भी UPCM को अवगत कराया।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि वाणिज्य कर विभाग की प्रवर्तन इकाइयों ने अब तक 317 बोगस फर्मों/व्यापार को चिन्हित किया है। इनमें से 131 का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है और 45 के खिलाफ FIR की गई है। उन्होंने विभाग द्वारा की गई नई पहलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विभाग द्वारा मोबाइल मैनेजमेन्ट सिस्टम (सचल दल), SIB मैनेजमेन्ट सिस्टम (वि.अनु.शा.) और सचल दल पर वेहिकिल ट्रेकिंग सिस्टम व कमाण्ड सेण्टर मुख्यालय से अनुश्रवण की पहल की गई। उन्होंने बताया कि आर.एफ.आई.डी. के तहत प्रदेश में 41 प्रवेश मार्गों पर आर.एफ.आई.डी. रीडर स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के आर.एफ.आई.डी. सिस्टम की सराहना जी.एस.टी. काउन्सिल द्वारा की गई है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पंजीयन स्थल के सत्यापन हेतु मोबाइल एप, एप के माध्यम से ई-वे बिल का सत्यापन (लखनऊ जोन में पायलट प्रोजेक्ट), ऑनलाइन हियरिंग (काॅरपोरेट सेक्टर वादों की ONLINE हियरिंग होने से कार्यालय आने से मुक्ति), रिटर्न दाखिले की पूर्व सूचना के लिए 60.53 लाख एस.एम.एस. भेजे गए तथा नाॅन फाइलर को 20.44 लाख ऑनलाइन नोटिस जारी की गईं। ईज ऑफ़ डुइंग बिजनेस के तहत सिनेमा इत्यादि के लाइसेंस की प्रक्रिया ONLINE की गई। इस प्रकार विभाग में कई नई पहल की गईं।
अपर मुख्य सचिव ने व्यापारियों/उपभोक्ताओं के हित में लिए गए निर्णयों के विषय में भी UPCM को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि UPCM के निर्देशों के क्रम में व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित किया जा चुका है, जिसकी पहली बैठक 19 जून, 2019 को होगी। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 05 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए पंजीयन हेतु थे्रशहोल्ड सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दी गई है और कम्पाउन्डिंग की थे्रशहोल्ड सीमा 01 करोड़ रुपए से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपए कर दी गई है।
अपर मुख्य सचिव ने वाणिज्य कर विभाग द्वारा आगामी वर्षों हेतु राजस्व प्राप्ति की कार्य योजना के विषय में भी UPCM को अवगत कराया। उन्होंने विभागीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी।
बैठक के दौरान UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।