उद्यमियों की सुविधा हेतु शीघ्र नई एमएसएमई नीति होगी लागू: नवनीत सहगल

अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप 100 दिनों की कार्ययोजना के तहत आगामी जून माह में स्टेट लेवल वैकर्स कमेटी (एसएलबीसी) के सहयोग से ‘‘मेगा लोन मेला’’ का आयोजन किया जायेगा। इसमें विभागीय रोजगारपरक योजनाओं एवं बैंको द्वारा संचालित योजनाओं में एक लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों को लक्ष्य आवंटित करने एवं तय समय-सीमा में उसे पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि बैंकर्स की जिलाधिकारी के साथ बैठक आयोजित कर यथाशीघ्र ऋण आवेदन पत्रों का निस्तारण सुनिश्चित करायें और यह कार्यवाही हर हाल में 75 दिन के अंदर पूर्ण कर ली जाय।

अपर मुख्य सचिव आज कैसरबाग स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन में विभागीय कार्याें की साप्ताहिक समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 100 दिनों की कार्य योजना के तहत मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना, माटीकला विकास योजना, प्रधानमंत्री मृदा योजना, स्टैंड-अप एवं स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत लोगों को रोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। इसके अतिरिक्त विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं ओडीओपी योजना के तहत 50 हजार परंपरागत कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को 10 दिन का व्यवसायिक प्रशिक्षण देते हुए निःशुल्क टूलकिट भी प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने आगामी मई माह की शुरूआत से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाइव स्ट्रीम होगा।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यमियों की सुविधा हेतु शीघ्र नई एमएसएमई नीति लागू की जायेगी। इसमें कैपिटल सब्सिडी देने की व्यवस्था होगी। यह नीति पूरी तरह व्यवहारिक होगी। उद्यमियों एवं कारीगरों को लाभ देने की प्रक्रिया को आसान और सरल बनाया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित एमएसएमई नीति हेतु उद्यमी संगठनों एवं अन्य स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर उनके सुझाव प्राप्त कर उनको नीति में शामिल करते हुए अंतिम ड्राफ्ट सप्ताह के अंदर प्रेषित किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वयं से उद्यमी बनने हेतु सक्षम बनाने के लिए उद्यम सारथी ऐप को व्यवसायिक बनाकर सभी महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि महाविद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों के साथ बैठक कर ऐप को और व्यापक स्वरूप प्रदान किया जाये।

बैठक में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग श्री मनीष चौहान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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