ग्रामीण क्षेत्रों में चालकों को प्रोत्साहन दिये जाने हेतु कमेटी गठित, परिवहन निगम करेगा काउंसलर की व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि चालकों को क्षेत्रीय स्तर पर काउंसलिंग की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि एक ही ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट कानपुर में कार्यरत है। क्षेत्रीय स्तर पर चालकों को सॉफ्ट स्किल एवं यात्रियों के प्रति मधुर व्यवहार करना तथा ड्राइविंग स्किल में सुधार करने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनर रखने की योजना है तथा ड्राइवरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होगा।

परिवहन मंत्री ने बताया कि बसों में नई टेक्नोलॉजी आ रही है इसलिए उसके संबंध में ड्राइवरों को ट्रेनिंग दिए जाने की योजना है।उन्होंने बताया कि नई टेक्नोलॉजी के संबंध में उसके उपयोग तथा सावधानियों के बारे में ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ज्यादा संख्या में बसें खरीदी जा रही हैं इसलिए ज्यादा ड्राइवरों को ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी l इसके साथ-साथ ग्रामीण अंचल में चालकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है क्योंकि संविदा ड्राइवर का पारिश्रमिक किलोमीटर के आधार पर होता है जो ग्रामीण क्षेत्रों में कम हो जाता है तो चालकों का भुगतान कम बनता है ।

दयाशंकर सिंह ने बताया कि चालकों को ग्रामीण क्षेत्रों में ड्राइविंग करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रामीण अंचल में प्रोत्साहन योजना शुरू किये जाने एवं क्षेत्रीय स्तर पर काउंसलिंग व काउंसलर की व्यवस्था तथा उनके प्रोत्साहन योजना पर विचार करने हेतु मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्रा0) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीण जनों में ड्राइवरों में चाह बढ़ेगी और अधिक संख्या मे परिवहन निगम को ग्रामीण अंचलों केलिए ड्राइवर मिल सकेंगे जिससे लोगों को आवागमन में सुरक्षा के साथ सुविधाजनक यात्रा मुहैया होगी।

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