UPCM ने प्रदेश में बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में प्रदेश में बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं और ऐसी स्थिति आने पर लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराते हुए बचाव कार्य किए जाएं। कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न मुहैया कराते हुए उनके लिए साफ पेयजल की भी व्यवस्था की जाए।

UPCM ने कहा कि राहत सामग्री का वितरण जनप्रतिनिधियों के हाथों से करवाने का प्रयास किया जाए। राज्य सरकार द्वारा बाढ़ से निपटने के लिए जनपदों को 380 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। ऐसे में बाढ़ राहत और बचाव कार्याें में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। पिछली बाढ़ में प्रभावितों को जिन मानकों के आधार पर सहायता उपलब्ध करायी गयी थी, इस बार भी उन्हीं को अपनाया जाए।
UPCM ने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए प्रभावित जनपदों में कन्ट्रोल रूम का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बाढ़ राहत केन्द्र स्थापित करने के साथ-साथ बाढ़ चैकियां सक्रिय करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने बाढ़ग्रस्त जनपदों में नौकाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रभावित जिलों में बड़े आकार की नौकाओं का ही प्रयोग किया जाए, क्योंकि इससे दुर्घटना की सम्भावना कम रहती है। उन्होंने NDRF और SDRF की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF अपनी-अपनी उपलब्धता सुनिश्चित करें। यह अवश्य सुनिश्चित किया जाए कि एक जगह पर यह दोनों टीमें मौजूद न रहें।
UPCM ने निर्देश दिये कि लोगों को नदी की कटान के विषय में पूरी सूचना दी जाए और किनारों से एकदम दूर रहने की सलाह दी जाए। बाढ़ में पानी के चढ़ते और उतरते समय ही कटान की सर्वाधिक सम्भावना होती है। उन्होंने बाढ़ में बहकर आने वाली मछलियों के प्रयोग को भी रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इनसे डायरिया फैलने की सम्भावना रहती है। उन्होंने चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दवाओं, एण्टी स्नेक वेनम की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही, डाॅक्टरों की भी तैनाती की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे उपलब्ध रहते हुए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।

UPCM ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ चैकियों की स्थापना की जाए और रात भर पेट्रोमैक्स के माध्यम से प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तटबंधों में आने वाली दरारों को फौरन भरने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त जनपदों के जिलाधिकारी और बाढ़ नियंत्रण और बचाव एवं राहत कार्याें में लगे कर्मी तैनाती स्थल पर अपनी उपस्थिति लगातार बनाये रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ग्रस्त जनपदों में केरोसीन, LPG सिलेण्डर, खाद्यान्न सामग्री की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
UPCM ने तटबंधों की सुरक्षा के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण के लिए तैनात सिंचाई विभाग के अभियंताओं की पुलिस बल के माध्यम से मदद करने के निर्देश गृह विभाग को दिये। उन्होंने प्रमुख सचिव गृह को अफवाहों को रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण, बचाव एवं राहत कार्याें में लगे सभी विभागों को किये गये कार्याें की दैनंदिन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।
UPCM ने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों से जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर विकास विभाग को अपनी टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में तैनात करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने जल-जमाव वाली जगहों पर कीटनाशकों के छिड़काव के भी निर्देश दिये। गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्याें में स्वयंसेवी संगठनों तथा सामाजिक संगठनों की मदद लेने के भी निर्देश दिये।
बैठक के दौरान UPCM को अपर मुख्य सचिव राजस्व और एस.डी.आर.ए. की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रेणुका कुमार ने बाढ़ के प्रति संवेदनशील जनपदों के विषय में अवगत कराया। इसके अलावा, उन्होंने 1 जुलाई से 29 जुलाई, 2018 के मध्य आंधी, तूफान, वज्रपात, वर्षा से हुई क्षति के विषय में भी UPCM को जानकारी दी। उन्होंने राजस्व विभाग द्वारा अब तक की गयी तैयारियों और कार्यवाही के विषय में भी UPCM को अवगत कराया।
इस अवसर पर सिंचाई विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पशुधन विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, नगर विकास/शहरी नियोजन विभाग, पंचायतीराज विभाग और मौसम विज्ञान विभाग/रिमोट सेसिंग के वरिष्ठ अधिकारियों ने UPCM को अपनी-अपनी तैयारियों के विषय में अवगत कराया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








