UPCM मंत्रिमंडल के ऊर्जा मंत्री ने कहा बिजली चोरी रोकने के लिए प्रदेश में 75 बिजली थाने स्थापित होंगे

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमंडल के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने सौभाग्य योजना और पावर फॉर आल की समीक्षा के दौरान लापरवाही की शिकायतों वाले क्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी को उपकेंद्रों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर जमीनी हकीकत का हाल लेंगे। कहीं भी गड़बड़ी मिली तो मुख्य अभियंता (वितरण) की ही जिम्मेदारी तय की जाएगी। मंत्री ने सभी अधिकारियों से निरीक्षण की तिथियों का ब्योरा भी तलब किया है।
सौभाग्य योजना के तहत गांवों में हो रहे विद्युतीकरण के कार्यों की समीक्षा ऊर्जा मंत्री द्वारा की गई। ऊर्जा मंत्री ने निर्देशित किया कि सभी उपकेंद्रों पर योजना से लाभान्वित लोगों की सूची, कार्यदायी संस्था का नाम व अन्य जरूरी सूचना जरूर उपलब्ध हो।
शक्ति भवन के 15वें तल पर सम्पन्न इस बैठक को सम्बोधित करते हुये ऊर्जा मंत्री ने सौभाग्य योजना में बांटे जा रहे विद्युत संयोजन के कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि जिन गांवों या मजरों का विद्युतीकरण हो रहा है वहां प्रयुक्त होनें वाली सामग्री की गुणवत्ता का विषेश ध्यान रखा जाये।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों को बेहतर कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है, वह बैठें नहीं, मातहत कार्मिकों के लिए प्रेरक बने। जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं दी जा सकें।
ऊर्जा मंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश को विद्युत आपूर्ति, उत्पादन तथा उपभोक्ता सेवाओं की दृष्टि से बहुत बेहतर बनाना है। इसके लिए बिजली चोरी रोककर लाइन हानियों को 15 प्रतिशत से कम पर लाना अत्यन्त आवश्यक है। सरकार इसके लिए लगातार सहयोग कर रही है। प्रदेश में 75 बिजली थानों की स्थापना को भी स्वीकृत मिल गयी है। प्रर्वतन दल की संख्या भी 33 से बढ़कर 55 की जा रही है। इसलिए आप लोग अपने अपने क्षेत्रों में सुनिश्चित करें कि विद्युत चोरी पर अंकुश लगे और जितनी बिजली दें उतना राजस्व वसूलें।
शक्ति भवन में विद्युत क्षेत्र में चल रही उदय एवं सौभाग्य योजनाओं सहित विभाग की अनेक प्रमुख योजनाओं की समीक्षा बैठक हुयी। इस बैठक में प्रदेश के सभी डिस्कामों तथा केस्कों के प्रबन्ध निदेशक, निदेशकों सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में विद्युत सुधार के लिए अनेक प्रोत्साहन स्कीम विद्युत कार्मिकों के लिए चलायी जा रही हैं। विभाग में कार्य करने वाले संविदा कर्मियों की भी सेवाशर्ते बेहतर हों, उनका शोषण रूके और दुर्घटना आदि होने पर उन्हें समय से मुआवजा मिल सके इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता समय से अपना बिल जमा करें इसके लिए उन्हें समय से बिल उपलब्ध कराया जाये और जो लोग बड़े बकायेदार हैं उनका विद्युत विच्छेदन सुनिश्चित किया जाये, जिससे वे अपना बिल समय से जमा करें।
बैठक में 15 बिन्दुओं पर चर्चा हुई। जिसमें उदय योजना टर्न अराउन्ड प्लान, अधिक लाइन हानियों वाले नगरों एवं खण्डों में हानियों को कम करने, 25 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं के मीटर की एम.आर.आई.ए.बी.आर.-थ्रू रेट गैप, ‘सप्लाई रिलायबिलिटी’ हेतु ’कैपेक्स इन्सेन्टिव स्कीम’, ‘स्मार्ट मीटरिंग, काउन्टर बिलिंग एवं ट्रस्ट बिलिंग में सुधार, एस.डी.ओ. स्तर के समस्त अधिकारियों के ई-मेल एकत्र किये जाने एवं उपभोक्ता सेवाओं 1912 और ऊर्जा मित्र इत्यादि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली गयी।








