चीनी की जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश पर होगी कड़ी कार्रवाई: यशपाल सिंह

मेरठ परिक्षेत्र में चीनी स्टॉक सत्यापन से लेकर बाजारों की सघन निगरानी, प्रशासन और गन्ना विभाग चला रहा है संयुक्त अभियान

मेरठ परिक्षेत्र में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, कृत्रिम अभाव की स्थिति नहीं

चीनी मिलों के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन और उपलब्धता का मिलान

चीनी डीलरों एवं अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों की निर्धारित स्टॉक सीमा पर कड़ी निगरानी

बिक्री के बाद निर्धारित अवधि से अधिक चीनी रोककर रखने पर कार्रवाई

बड़े उपभोक्ताओं के स्टॉक की भी होगी नियमानुसार निगरानी

एस.जी.के. पोर्टल पर चीनी मिलों के दैनिक स्टॉक की नियमित प्रविष्टि एवं अनुश्रवण

जिला गन्ना अधिकारियों, सहायक चीनी आयुक्तों एवं जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम एक्शन मोड में

मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त, यशपाल सिंह ने बताया कि परिक्षेत्र में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश के प्रति शासन ने सख्त रुख अपनाया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के आदेशों तथा आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में मेरठ परिक्षेत्र में चीनी के स्टॉक, बिक्री एवं उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन और गन्ना विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि पर्याप्त स्टॉक के बावजूद किसी भी स्तर पर जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा कृत्रिम अभाव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।

उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि परिक्षेत्र में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके साथ ही मेरठ परिक्षेत्र में निगरानी को तकनीक आधारित भी बनाया गया है। संबंधित जिला गन्ना अधिकारियों को एस.जी.के. पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में चीनी मिलों के दैनिक स्टॉक की सूचना अंकित कराने तथा उपलब्ध आंकड़ों का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं का परीक्षण कर आवश्यक रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी की गई है। इससे चीनी के स्टॉक एवं बिक्री की स्थिति पर वास्तविक निगरानी रखने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने बताया कि प्रशासन और गन्ना विभाग की यह मुहिम केवल चीनी मिलों तक सीमित नहीं है। बाजार में चीनी डीलरों, थोक विक्रेताओं और बड़े उपभोक्ताओं के स्टॉक पर भी नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप नजर रखी जा रही है। यदि कहीं निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक, बिक्री और उपलब्धता के बीच असामान्य अंतर अथवा संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उप गन्ना आयुक्त, मेरठ की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि चीनी मिलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन, पोर्टल आधारित दैनिक निगरानी और बाजार स्तर पर निर्धारित स्टॉक सीमा के अनुपालन की जांच के माध्यम से पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

वर्तमान में मेरठ परिक्षेत्र के अंतर्गत 2,69,672.46 मीट्रिक टन चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन और गन्ना विभाग की संयुक्त मुहिम उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में कार्य कर रही है। संदेश स्पष्ट है कि चीनी की उपलब्धता में कृत्रिम कमी पैदा कर बाजार को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार चीनी डीलरों द्वारा प्राप्त चीनी को 30 दिनों से अधिक अवधि तक भंडारित नहीं किया जा सकता तथा किसी भी समय 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं है। इसी प्रकार 10 मीट्रिक टन अथवा उससे अधिक मासिक खपत वाले बल्क कंज्यूमर्स के लिए भी 15 दिनों से अधिक अवधि तक चीनी का स्टॉक रखने पर प्रतिबंध है। चीनी मिलों द्वारा की गई बिक्री के बाद संबंधित चीनी को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक अपने परिसर अथवा गोदाम में रोककर रखने की प्रवृत्ति पर भी निगरानी रखी जा रही है।

मेरठ परिक्षेत्र के अंतर्गत जिलावार गठित जिला स्तरीय निगरानी एवं अनुश्रवण टीम

01. मेरठ
विपणन निरीक्षकों/पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम।

02. बागपत
उप जिलाधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी की संयुक्त टीम।

03. हापुड़
उपजिलाधिकारियों, क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों, विपणन निरीक्षकों/पूर्ति निरीक्षकों एवं सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति की संयुक्त टीम।

04. गाजियाबाद
जिले के विपणन निरीक्षकों की संयुक्त टीम।

05. बुलन्दशहर
उप जिला अधिकारी, सचिव मंडी परिषद बुलन्दशहर एवं विपणन निरीक्षक की संयुक्त टीम।

06. अलीगढ़
अपर जिला अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी एवं मंडी सचिव की संयुक्त टीम।

07. मथुरा
एरिया मार्केटिंग ऑफिसर, मंडी समिति प्रतिनिधि एवं खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम।

उक्त के अतिरिक्त मंडल स्तरीय निरीक्षण दल/टीमें भी गठित की जा रही हैं।

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