पूरी फीस जमा होने पर बच्चों को वार्षिक परीक्षा में शामिल करेंगे निजी स्कूल

लखनऊ 15 जनवरी।
सेंट फ्रांसिस कॉलेज में आज आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन द्वारा कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 5 घंटे की ही पाली में ऑफलाइन कक्षाएं चलाई जाने संबंधी शासनादेश जारी करने के लिए आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ ही एसोसिएशन द्वारा सरकार से मोंटेसरी से लेकर सभी वर्गों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए फरवरी व मार्च में ऑफलाइन पढ़ाई कराने हेतु स्कूल खोलने की भी मांग की गई। इसके साथ ही एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा से मिलकर भाजपा एमएलसी दल उस मांग का भी समर्थन किया गया। जिसके तहत भाजपा एमएलसी दल द्वारा उन सभी छात्रों को भी फीस जमा करने के बाद वार्षिक परीक्षा में शामिल होने की मांग की गई है, जो कि ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ नहीं पाए थे इसी के साथ एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वार्षिक परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी बच्चों के अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों की पूरी फीस जमा करनी होगी, तभी उनके बच्चों को परीक्षा में शामिल होने तथा अगली परीक्षा में प्रमोट किया जाएगा।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि मासिक आधार पर सभी बच्चों की फीस जमा करने के संबंध में सरकार द्वारा पहले से शासनादेश जारी किया जा चुका है ऐसे में किसी भी बच्चे को पूरे साल की फीस जमा किए बिना वार्षिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि कुछ अभिभावकों को यह भ्रम है कि वह चाहे कितना भी जमा करें तभी स्कूल द्वारा उनके बच्चों का नाम नहीं काटा जाएगा या उनके वार्षिक परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जाएगा उन्होंने कहा कि यह भ्रम अभिभावकों को दूर कर लेना चाहिए क्योंकि सरकार ने अपने शासनादेश में पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि सभी बच्चों की मासिक आधार पर फीस जमा की जानी है ऐसे में अगर अभिभावक अपने बच्चों की पूरी फीस वार्षिक परीक्षा शुरू होने से पहले जमा नहीं करते तो ऐसे में उनके भ्रम के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी परेशानी के लिए अभिभावक स्वयं जिम्मेदार होंगे स्कूल इसके लिए कतई जिम्मेदार नहीं होगा।
सोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि नए साल के जश्न में शहर के कई प्रमुख पार्क कोमल और चिड़ियाघर में अभिभावकों के साथ ही बच्चों की भारी भीड़ देखने को मिली वह भी बिना मां के सामाजिक दूरी के ऐसे में बच्चों के जीवन में भविष्य को दिशाएं वहां कार्ड देने वाले स्कूलों में शिक्षक अभी भी बच्चों के स्कूल आने का इंतजार ही कर रहे हैं जबकि इन स्कूलों में कोरोनावायरस के मार्गदर्शन एक दिशा निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है इन परिस्थितियों में अब सरकार को बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए शासनादेश जारी करते अति शीघ्र बच्चों के लिए स्कूलों को खोल देना चाहिए
इसी के साथ एसोसिएशन ने सरकार सरकार से यह भी मांग की है कोरोनावायरस इन को उपलब्ध कराने में स्कूल के शिक्षकों में बच्चों को भी प्राथमिकता दी जाए यही समय की मांग भी है इसके साथ ही एसोसिएशन ने बताया कि कोरोना का में सरकारी स्कूलों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए वह कल फल लोकल की तर्ज पर शुरू किए गए दीक्षा एप को निजी स्कूलों द्वारा अपने स्कूल के बच्चों ने शिक्षकों के माध्यम से बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया गया निजी स्कूलों ने दिशा एप को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए अत्यंत उपयोगी बताया
इसी के साथ एसोसिएशन द्वारा यह भी बताया गया कि एसोसिएशन की जनरल बॉडी मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि वैश्विक कोरोनावायरस के कारणों की शैक्षिक सत्र 2020- 21 में फीस बढ़ोतरी ना किए जाने के साथ ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं की जा सकी थी ऐसे में शैक्षिक सत्र 2020-2021 बारिश में सभी स्कूलों द्वारा अपने शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के लिए अभिभावकों को राहत देते हुए स्कूल फीस में फिलहाल शैक्षिक सत्र 2020-2021 में उत्तर प्रदेश स्कूल विनियमन अधिनियम के तहत निर्धारित फीस की ही वृद्धि प्रस्तावित की गई है.








