UPCM के समक्ष उ.प्र. राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण का प्रस्तुतिकरण किया गया

उत्तर प्रदेश (14 दिसम्बर, 2018)।
UPCM ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के भवन हेतु भूमि एवं अन्य आवश्यकताओं हेतु धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे जनसंख्या की दृष्टि से बड़े प्रदेश में आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी आवश्यक है। इसके लिए आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त और पूरी तरह से कार्यशील होना चाहिए।

UPCM ने लोक भवन में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के भवन के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतिकरण के दौरान निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण द्वारा आपदा की स्थिति में उठाये जाने वाले कदमों एवं आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित सीमित अवधि के कोर्सेज़ तैयार कर, ग्राम प्रधान, बी.डी.सी. सदस्यों, पार्षदों आदि को प्रशिक्षित किया जाए। इसी प्रकार के प्रशिक्षण अधिकारियों, कर्मचारियों और सिविल डिफेंस से जुड़े लोगों को भी प्रदान किया जाए। यह प्रशिक्षण, कार्य प्रभावित किये बगैर चरणबद्ध ढंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को प्रमाणपत्र भी दिया जाए।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ले. जनरल आर.पी. साही, बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण, राहत आयुक्त गौरी शंकर प्रियदर्शी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








