UPCM ने जनपद बहराइच में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की

उत्तर प्रदेश (बहराइच)।
UPCM ने अपने जनपद बहराइच भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि इसके सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि सेक्टर एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। तभी इसे देश और प्रदेश का अग्रणी जनपद बनाया जा सकेगा। जनपद में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा व कृषि सेक्टर में अच्छा कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि जनपद में कौशल विकास एवं वित्तीय समावेशन में और अधिक प्रयास किये जाने की आवश्यकता है।

UPCM ने कहा कि यह जनपद मित्र राष्ट्र नेपाल की सीमा पर स्थित होने के कारण वहां से आने वाले विदेशी बहराइच से होकर ही गुज़रते हैं। इसलिए आवश्यक है कि यहां की सड़कों की स्थिति तथा स्वच्छता बेहतर होनी चाहिए ताकि आगंतुकों पर अच्छा प्रभाव पड़े। उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिये कि सीमा पर स्थित थानों व अन्य कार्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। साथ ही, इन स्थानों पर साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों की तैनाती की जाए। तैनात अधिकारी लोगों से मित्रवत व्यवहार करें। अपराधी व असामाजिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ सख्ती से पेश आया जाए।

UPCM जनपद बहराइच में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
UPCM जनपद बहराइच में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए

UPCM ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। मात्र विद्यालय का निर्माण कर देने से शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं होगा। विकास के लिए आवश्यक है कि विद्यालयों में आने वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में काफी अच्छा कार्य हुआ है परन्तु अभी गुणवत्ता में सुधार की ज़रूरत है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूलों में छात्र-नामांकन के औसत के अनुसार अध्यापकों की तैनाती की जाय। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिक्षा के विकास के लिए आवश्यकता महसूस हो तो आस-पास के विद्यालयों को एक क्लस्टर के रूप में विकसित कर बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्रदान की जाय। बच्चों को स्कूल परिसर तथा कक्ष में अच्छा माहौल प्रदान किया जाय।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री मुुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना, अटल पेंशन योजना इत्यादि महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इनके तहत जनपद में अच्छा कार्य भी हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन योजनाओं के लाभार्थियों के साथ नियमित बैठकें कर उनका फीडबैक प्राप्त कर उसका प्रचार-प्रसार करायें ताकि दूसरे लोग भी आकर्षित हों। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों के अनुभवों का भी लाभ प्राप्त किया जाय। कौशल विकास के सम्बन्ध में उन्होंने निर्देश दिये कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार लोगों को प्रशिक्षण दिलाया जाय ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर सेवायोजित कराया जा सके।

UPCM ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती करते हुए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने कहा कि टीकाकरण एवं कुपोषण के खात्मे के लिए ज़रूरी है कि आशा व एएनएम समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से सभी लक्षित वर्गों को पुष्टाहार का वितरण कराया जाय। साथ ही, कार्यों की माॅनीटरिंग भी करायी जाय।

UPCM ने खाद्यान्न वितरण कार्य की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि ई-पाॅस मशीनों के माध्यम से नोडल अधिकारियों की देख-रेख में खाद्यान्न का वितरण कराया जाय। उन्होंने जिले के अधिकारियों से कहा कि निराश्रित पशुओं की समस्या के निदान के लिए अच्छा कार्य करें।

UPCM ने निर्देश दिये कि गन्ना किसानों के बकाया मूल्य भुगतान के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव गन्ना से समन्वय स्थापित कर समाधान कराया जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी स्तर पर गन्ना किसानों का उत्पीड़न न होने पाये। इसी सन्दर्भ में उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि धान व मक्के की उपज बेचने में किसानों को कोई समस्या न आये। यदि कहीं पर कोई समस्या है तो जिलाधिकारी अपने स्तर पर उसका समाधान करा लें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को संचालित करने में शहर और गांव के बीच कोई फर्क न रखा जाय बल्कि समानुपातिक रूप से गांव एवं शहरी क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखें।

UPCM ने बैठक के दौरान विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सौभाग्य योजना और पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लक्ष्य को आगामी 31 दिसम्बर तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाय। कृषि एवं जल संसाधन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्य की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि किसानों को खाद-बीज एवं सिंचाई की समस्या नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना, एण्टी भू-माफिया, सड़कों के निर्माण सहित अन्य बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने कार्यालयों में नियमित रूप से बैठ कर आमजन की समस्याओं का समय से निस्तारण सुनिश्चित करायें और अपने सीयूजी नम्बर को अवश्य अटैण्ड करें।

इस अवसर पर सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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